उपायुक्त के अचानक पहुंचने से अस्पताल कर्मियों में मचा हड़कंप, मरीजों से पूछा हाल-चाल, सभी स्टाफ के लिए ‘आईडी कार्ड’ किया अनिवार्य
लोहरदगा, News Scale Live: झारखंड के लोहरदगा सदर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को सुधारने के लिए जिला प्रशासन अब सख्त एक्शन के मूड में है। उपायुक्त (DC) संदीप कुमार मीना ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया। डीसी के अचानक लाव-लश्कर के साथ अस्पताल पहुंचने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के पसीने छूट गए। इस दौरान अस्पताल की कई बड़ी कमियां सामने आईं, जिस पर डीसी ने कड़ी नाराजगी जताई और व्यवस्था को तुरंत सुधारने के सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डीसी ने अस्पताल के चप्पे-चप्पे का जायजा लिया। उन्होंने पाया कि अस्पताल में साफ-सफाई की हालत बिल्कुल भी मानकों के अनुरूप नहीं है। सबसे बड़ी लापरवाही तो यह सामने आई कि अस्पताल का आईसीयू (ICU) वार्ड बंद पड़ा था। इसके अलावा डीसी ने डॉक्टरों की हाजिरी (रोस्टर ड्यूटी पंजी) चेक की और सिविल सर्जन को सख्त निर्देश दिया कि रोस्टर के हिसाब से हर हाल में डॉक्टरों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को भटकना न पड़े।
डीसी संदीप कुमार मीना ने जेनरल वार्ड, पुरुष वार्ड, मैटरनिटी वार्ड (मातृत्व), प्रसव वार्ड और बच्चों के एसएनसीयू (SNCU) वार्ड में जाकर मरीजों से सीधा संवाद किया। उन्होंने मरीजों से पूछा कि उन्हें सही समय पर डॉक्टर देख रहे हैं या नहीं और दवाइयां व खाना मिल रहा है या नहीं। अस्पताल की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए डीसी ने एक बड़ा फैसला लिया है। सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज मिले, इसकी निगरानी (Monitoring) के लिए अब एसडीएम (सदर) को वरीय पदाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया जाएगा। साथ ही, प्रशिक्षु अधिकारियों (डिप्टी कलेक्टर) की भी रोस्टर के अनुसार ड्यूटी लगाई जाएगी।
डीसी ने दिए ये कड़े निर्देश:
आईडी कार्ड अनिवार्य: सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि अस्पताल के सभी कर्मचारियों के पास पहचान पत्र (ID Card) होना चाहिए।
पार्किंग और मलबा: अस्पताल परिसर में बेतरतीब खड़ी गाड़ियों को व्यवस्थित करने और तोड़े गए पुराने भवन के मलबे को तुरंत हटाने का आदेश दिया गया।
खाना और रौशनी: किचन संचालक को सख्त हिदायत दी गई कि मरीजों को मेन्यू के हिसाब से ही खाना दिया जाए। साथ ही, अस्पताल परिसर में रौशनी के लिए ‘हाई मास्ट लाइट’ लगाने को कहा गया।
दवा और एंबुलेंस: पीएम जन औषधि केंद्र में दवाइयों की उपलब्धता चेक की और एंबुलेंस चालकों से बातचीत कर उनकी चौबीसों घंटे मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा। डायलिसिस सेंटर और लैब की भी जांच की गई।
इस औचक निरीक्षण के दौरान डीसी के साथ अपर समाहर्ता जितेंद्र मुंडा, परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग, सिविल सर्जन डॉ. राजू कच्छप, एसडीएम अमित कुमार और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी शिवनंदन बड़ाईक समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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