Friday, April 4, 2025

फर्जी दस्तावेजों पर सीसीएल में नौकरी करने वाले 22 के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज, संलिप्त अधिकारियों और कर्मियों की जांच हेतू गठित हुई 3 सदस्यीय कमेटी

चतरा। जिले के टंडवा प्रखंड अंतर्गत सीसीएल पिपरवार प्रक्षेत्र के लिए निर्गत वंशावली, प्रमाण-पत्र, भूमि सत्यापन एवं भूमि नक्शा में छेड़छाड़ मामले में बड़ी कार्रवाई उपायुक्त रमेश घोलप ने की है। जिसमें अवैध तरीके से नज्ञैकरी एवं मुआवजा पाने वाले 22 लोगों के विरुद्ध टंडवा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जबकी मामले में संलिप्त अधिकारी व कर्मियों की जांच हेतू अपर समाहर्ता अरविंद कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। ज्ञात हो कि उपायुक्त को सूचना मिली थी कि पिपरवार के सीसीएल में फर्जी तरीके से कुछ लोग जमीन के एवज में मुआवजा ले रहे है। सूचना के आलोक में सिमरिया अनुमंडल पदाधिकारी सन्नी राज के नेतृत्व में छह सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया। वहीं कमेटी ने टंडवा अंचल कार्यालय में जमीन से संबंधित विभिन्न दस्तावेजों की जांच की। वंशावली सत्यापन से संबंधित संयुक्त जांच प्रतिवेदन में कुछ मामलों में अंचल अधिकारी एवं सीसीएल के कर्मी और पदाधिकारी के साथ साठ-गांठ कर फर्जी बनावटी वंशावली, फर्जी लगान रसीद, हुकुमनामा, फर्जी जमाबंदी निर्गत कर उसके माध्यम से सीसीएल में धोखाधड़ी कर अधिग्रहण क्षेत्र के बाहरी व्यक्तियों को नौकरी प्राप्त करने के मामले सामने आया। पाया गया कि गैरमजरूआ खास खाता के फर्जी एवं बनावटी लगान रसीद एवं हुकूमनामा तथा गलत जमाबंदी के आधार पर निर्गत वंशावली प्रमाण पत्र के आधार पर नियोजन एवं मुआवजा का लाभ लिया जा रहा है। छह सदस्यीय जांच कमेटी द्वारा भूमि सत्यापन से संबंधित संयुक्त जांच प्रतिवेदन में बनावटी एवं फर्जी कागजातों के आधार पर संगठित तरीके से भूमि सत्यापन कर जो अधिग्रहण क्षेत्र से संबंधित नहीं है। वैसे व्यक्तियों के द्वारा धोखाधड़ी से नौकरी प्राप्त करने का मामला पाया। वैसे कुल 22 लोगों पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सीसीएल में नौकरी प्राप्त करने को लेकर टंडवा थाना में प्राथमिकी दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सीसीएल द्वारा विभिन्न परियोजनाओं के अधीन जमीन अधिग्रहण करते समय विस्थापित होने वाले व्यक्त्तियों व परिवारों को मुआवजा एवं नौकरी का जो प्रावधान है, उसको एक संगठित गिरोह द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर बनावटी हस्ताक्षर, बनावटी प्रतिवेदन प्रयोग कर प्रशासन सीसीएल एवं स्थानीय विस्थापित रैयतों के साथ धोखाधड़ी कर नौकरी एवं मुआवजा राशि गलत तरीके से प्राप्त किया गया है। वही जिला प्रशासन के इस कार्रवाई से वैसे लोगों में दहस्त व्याप्त है।

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