न्यूज स्केल डेस्क
रांची। झारखंड में बड़ी सियासी हलचल के बीच हेमंत सोरेन ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके कुछ देर बाद ही केंद्रीय जांच एजेंसी (ईडी) ने उन्हें हिरासत में ले लिया। ईडी ने सीएम कार्यालय में उनसे दोपहर करीब डेढ़ बजे पूछताछ शुरू की थी।
मुख्य गतिविधियां
सीएम हेमंत सोरेन ईडी की हिरासत में बुधवार रात के करीब साढ़े 8 बजे राजभवन पहुंचकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया।
इस्तीफा देने के बाद ईडी की टीम श्री सोरेन को अपने कार्यालय ले गई, जहां उन्हें सूत्रों की माने तो गिरफ्तार कर लिया गया। अब उन्हें 1 फरवरी को कोर्ट में पेश कर हिरासत की मांग करेगी। गिरफ्तारी से कुछ समय पहले झारखंड के मुख्य सचिव और डीजीपी सीएम मुख्यालय पहुंचकर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त करते हुए रांची में पुलिस को अलर्ट किया है। वहीं ईडी कार्यालय, राजभवन और मुख्यमंत्री कार्यालय के पास धारा 144 लगा दी गई है।

हेमंत सोरेन के इस्तीफा देने के बाद अब उनके करीबी चंपई सोरेन झारखंड के अगले मुख्यमंत्रीं होंगे। उन्हें श्री सोरेन से पूछताछ के बीच विधायक दल का नेता चुना गया और पत्र लेकर सभी विधायक तीन बसों से राजभवन पहुंचे। पत्र पर 47 विधायकों का हस्ताक्षर है।
यह एक विराम है
जीवन महासंग्राम है
हर पल लड़ा हूं, हर पल लड़ूंगा
पर समझौते की भीख मैं लूंगा नहींक्या हार में, क्या जीत में
किंचित नहीं भयभीत मैं
लघुता न अब मेरी छुओ
तुम हो महान, बने रहोअपने लोगों के हृदय की वेदना
मैं व्यर्थ त्यागूंगा नहीं
हार मानूंगा नहीं…Also Readबेटियों ने जीता सुब्रतो कप का खिताबजय झारखण्ड! pic.twitter.com/oduWMRGOmQ
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) January 31, 2024
ज्ञात हो कि चंपई सोरेन से पहले हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन का नाम सीएम की रेस में आ रहा था। पीटीआई के मुताबिक झारखंड मुक्ति मोर्चा की विधायक और पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन ने खुले तौर पर कहा कि वह कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने के किसी भी कदम का विरोध करेंगी। सीता सोरेन शिबू सोरेन के बड़े दिवंगत पुत्र दुर्गा सोरेन की पत्नी हैं। मंगलवार को जब विधायक दल की बैठक हुई, उस समय भी सीता सोरेन मौजूद नहीं थी। उसके बाद से नाराजगी की अटकलें लगाई जाने लगी थी।
परिवार में विरोध की आवाज उठने के साथ ही विधायक दल की बैठक में सरायकेला सीट से विधायक सह झारखंड मुक्ति मोर्चा के उपाध्यक्ष चंपई सोरेन को नेता चुना गया। राजभवन से निकलने के बाद चंपई सोरेन ने कहा कि हमने सरकार बनाने का दावा पेश किया है। हमारे पास 47 विधायकों का समर्थन है। राज्यपाल ने कहा है कि शपथ के लिए जल्द ही समय तय करेंगे।
ज्ञात हो कि ईडी ने 29 जनवरी 2024 को हेमंत सोरेन के नई दिल्ली शांति निकेतन स्थित आवास पर दबिश दी थी। जहां हेमंत सोरेन नहीं मिले। कई घंटे तक ईडी की पहुंच से बाहर रहे सोरेन 30 जनवरी दोपहर में सीएम आवास पहुंचे और ईडी को 31 जनवरी का समय दिया। सूत्रों के अनुसार हेमंत सोरेन दिल्ली से रांची सड़क मार्ग से पहुंचे। वहीं ईडी के एक्शन के बीच अटकलें लगाई जाने लगी की सोरेन गिरफ्तार होंगे।
जो मोदी जी के साथ नहीं गया, वो जेल जाएगा।
झारखंड के मुख्यमंत्री, श्री हेमंत सोरेन पर ED लगाकर उनका त्यागपत्र देने को मजबूर करना Federalism की धज्जियाँ उड़ाना है।
PMLA के प्रावधानों को draconian बनाकर विपक्ष के नेताओं को डराना-धमकाना, भाजपा की Tool Kit का हिस्सा है।
षड्यंत्र…
— Mallikarjun Kharge (@kharge) January 31, 2024
दुसरी ओर हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, जो मोदी जी के साथ नहीं गया, वो जेल जाएगा। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर ईडी लगाकर उनका त्यागपत्र देने को मजबूर करना फेडलरिज्म की धज्जियां उड़ाना है। उन्होंने आगे कहा कि षड्यंत्र के तहत एक-एक करके विपक्ष की सरकारों को अस्थिर करने का भाजपाई काम जारी है। बीजेपी की वॉशिंग मशीन में जो चला गया वो सफ़ेदी की चमकार से साफ़ है, जो नहीं गया वो दाग़दार है ? तानाशाही से लोकतंत्र को अगर बचाना है तो बीजेपी को हराना होगा।

























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