थाने से महज 200 मीटर दूर दिनदहाड़े हुई थी वारदात; दो बाइक पर सवार पांच नकाबपोश अपराधियों ने 18 मिनट में बैंककर्मियों और ग्राहकों को बंधक बनाकर लूट को दिया था अंजाम; DIG और SP कर रहे हैं मामले की निगरानी
घटना का विवरण: 18 मिनट में करोड़ों की लूट
यह वारदात गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को दोपहर करीब 1:40 बजे हुई। झारखंड के गिरिडीह जिला अंतर्गत धनवार बाजार स्थित यूको बैंक की शाखा में दो मोटरसाइकिलों (पल्सर और अपाचे) पर सवार होकर पांच हथियारबंद अपराधी पहुंचे。सभी ने हेलमेट और नकाब पहन रखे थे और उनके हाथों में पिस्तौल थी。अपराधियों ने सबसे पहले शाखा प्रबंधक राहुल कुमार गोड़ के केबिन में घुसकर उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी और फिर बैंक के कर्मचारियों (रोहित कुमार, निधि कुमारी, अनुरुद्ध) और ग्राहकों को बंधक बना लिया। सभी के मुंह पर टेप चिपकाकर हाथ पीछे बांध दिए गए और मोबाइल भी छीन लिए गए।

इसके बाद अपराधियों ने लॉकर की चाबी मांगी और उसे खोलकर लगभग 4 करोड़ रुपये के सोने के जेवरात और करीब 10.45 लाख रुपये नकद लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधियों ने बैंक का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद कर दिया, जिससे कर्मचारी और ग्राहक अंदर ही फंसे रह गए। वे बैंक का सीसीटीवी डीवीआर भी अपने साथ ले गए, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। घटनास्थल धनवार पुलिस थाने से महज 100 से 200 मीटर की दूरी पर स्थित था।
पुलिस की कार्रवाई: ग्रामीणों की सतर्कता बनी मददगार
डकैती के बाद भाग रहे अपराधियों में से एक संदिग्ध को गुरुवार शाम जमुआ थाना क्षेत्र की धरमपुर पंचायत अंतर्गत वंशीडीह गांव के पास ग्रामीणों की सतर्कता से पकड़ लिया गया। इसके बाद उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में बेंगाबाद थाना क्षेत्र के दो, देवघर का एक और बिहार के जमुई का एक आरोपी शामिल बताया जा रहा है। पुलिस ने बिहार के जमुई जिले के चकाई थाना क्षेत्र अंतर्गत बटपार के पास एक लावारिस बाइक भी बरामद की है, जिसे जब्त कर लिया गया है।
जांच के प्रमुख बिंदु
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस डकैती में कुल सात अपराधियों के शामिल होने की बात सामने आई है। इनमें पांच अपराधी बैंक के अंदर गए थे, जबकि दो अन्य बाहर वाहन पर मौजूद थे। पुलिस अब उन दोनों फरार आरोपियों की तलाश कर रही है, जो लूटा गया सामान लेकर भागे थे। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि अपराधियों ने बैंक की रेकी कब और कैसे की और किसी स्थानीय व्यक्ति की संभावित भूमिका क्या थी।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी और विशेष टीमें
बैंक डकैती की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग रेंज के डीआईजी अंजनी कुमार झा और गिरिडीह के एसपी डॉ. विमल कुमार पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। एसपी डॉ. विमल कुमार ने घटना के बाद देर रात पांच एसआईटी टीमों का गठन किया था, जो खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर रही हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटे गए सामान की बरामदगी के लिए अब तक कुल छह विशेष टीमें झारखंड और बिहार के विभिन्न संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
एसडीपीओ का बयान
खोरीमहुआ के एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने बताया कि मामले का जल्द खुलासा कर लिया जाएगा। जांच में स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो चुकी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ लूटे गए सोने के जेवरात और नकदी की बरामदगी के लिए पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं।


















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