आवास पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के साथ पहुंची प्रशासनिक टीम; अधिकारियों का कहना है कि पिछले एक साल से दिए जा रहे नोटिस का नहीं मिला जवाब; अंबा प्रसाद ने लगाया भेदभाव का आरोप, कहा- अन्य पूर्व विधायकों के पास अब भी सरकारी आवास
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में दिवाली से ठीक पहले कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और बड़कागांव से पूर्व विधायक अंबा प्रसाद का सरकारी आवास जिला प्रशासन ने खाली करा दिया है। शनिवार (7 नवंबर 2026) को धुर्वा स्थित सेक्टर-3 (HEC परिसर) के आवास क्रमांक F-44 पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के साथ प्रशासनिक टीम पहुंची और कार्रवाई को अंजाम दिया।
प्रशासन का पक्ष: “एक साल से दिया जा रहा था नोटिस”
आवास खाली कराने पहुंचे नियुक्त मजिस्ट्रेट मो. जफर हसनात ने बताया कि यह आवास पहले विधायक के रूप में अंबा प्रसाद के नाम पर आवंटित था, लेकिन पिछले वर्ष ही इसे एक आईएएस अधिकारी के नाम पर आवंटित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि आवास खाली करने के लिए अंबा प्रसाद को पिछले एक साल से लगातार नोटिस दिए जा रहे थे और 2 नवंबर 2026 को अंतिम नोटिस भी व्हाट्सएप के माध्यम से भेज दिया गया था, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। कार्रवाई के दौरान अंबा प्रसाद या उनके परिवार का कोई सदस्य आवास पर मौजूद नहीं था, इसलिए केयरटेकर की उपस्थिति में सामान की सूची तैयार कर आवास खाली कराया गया।
जगरण की रिपोर्ट के अनुसार, यह आवास अब आईपीएस अधिकारी क्रांति गडिदेशी को आवंटित किया गया है और उनके कर्मियों ने आवास पर कब्जा ले लिया है। प्रशासन के अनुसार, विधानसभा के समीप विधायकों के लिए नए आवास बनने के बाद पुराने भवनों को दूसरे अधिकारियों को आवंटित किया जा रहा है।
अंबा प्रसाद का विरोध: “दिवाली के दिन कहां जाऊं?”

प्रशासन की इस कार्रवाई से नाराज अंबा प्रसाद ने आवास के बाहर ही टेंट लगाकर विरोध शुरू कर दिया है। उन्होंने छोटी दिवाली के दिन टेंट में ही दीये जलाए और मीडिया से कहा, “दीपावली के दिन कहां जाऊं? सरकार ने कहीं का नहीं छोड़ा”।
उन्होंने इस कार्रवाई को भेदभावपूर्ण बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष के कई अन्य पूर्व विधायकों के पास अब भी सरकारी आवास हैं, लेकिन उन्हें कोई परेशान नहीं करता। अंबा प्रसाद ने कहा कि रांची में उनका अपना कोई आवास नहीं है और उन्होंने सरकार से किराए पर आवास आवंटित करने का आग्रह किया था, लेकिन इसके बावजूद अचानक यह कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी बताया कि इसी आवास से उनके भाई की शादी होनी थी और दिवाली से ठीक पहले कार्रवाई से उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है।
राजनीतिक हलकों में गरमाई चर्चा
इस घटना को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अंबा प्रसाद ने आरोप लगाया कि “महिला को राजनीति से दूर करना इनका इरादा हो सकता है” और कहा कि जिन लोगों पर “कृपा” है, उनके आवास कोई नहीं खाली कराता। फिलहाल, आवास पर प्रशासन का ताला लगा हुआ है और अंबा प्रसाद अपना विरोध जारी रखे हुए हैं।


















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