थाने से कुछ ही दूरी पर मिला सरिया, टाटा स्टील की टीम ने पदमा थाना में दी लिखित शिकायत; पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
पदमा (हजारीबाग)। हजारीबाग-पदमा-बरही मार्ग पर एक होटल के पीछे स्थित खुले परिसर में टाटा टिस्कॉन ब्रांड के टीएमटी सरिये का बड़ा भंडारण सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। टाटा स्टील की सुरक्षा एवं ब्रांड सुरक्षा टीम ने तीन दिन पहले मौके पर पहुंचकर जांच की, जहां से बड़ी मात्रा में सरिया बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद कंपनी की ओर से पदमा थाना में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जिस परिसर से सरिया बरामद किया गया, वह कथित तौर पर पदमा थाना से कुछ ही दूरी पर स्थित है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर पुलिस की निगरानी, नियमित गश्ती और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, अभी तक पुलिस की लापरवाही या किसी व्यक्ति की संलिप्तता का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है।
कंपनी की टीम ने की जांच, कटे हुए सरिये भी मिले
जानकारी के अनुसार, टाटा स्टील की सुरक्षा एवं ब्रांड सुरक्षा टीम ने पदमा स्थित उक्त परिसर में कार्रवाई की। जांच के दौरान टाटा टिस्कॉन ब्रांड के टीएमटी सरिये की बड़ी मात्रा बरामद की गई। बरामद सामग्री में सरिये के कटे हुए टुकड़े भी शामिल बताए जा रहे हैं।
कार्रवाई के दौरान टाटा स्टील के सुरक्षा प्रमुख अखिलेश कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक बिमलेश कुमार राय और ब्रांड सुरक्षा के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक ध्रुबोज्योति साहा मौजूद थे। कंपनी की टीम ने बरामदगी के बाद पदमा थाना में लिखित शिकायत देकर मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
थाने के नजदीक भंडारण, निगरानी पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि थाना क्षेत्र में और थाने से कुछ ही दूरी पर इतनी बड़ी मात्रा में सरिया रखा हुआ था, तो इसकी जानकारी पहले संबंधित स्तर तक क्यों नहीं पहुंची? क्या परिसर में लंबे समय से सरिये का भंडारण किया जा रहा था? क्या इसकी कोई पूर्व सूचना पुलिस को मिली थी? क्या नियमित गश्ती के दौरान इस स्थान पर कभी जांच की गई थी? इन सवालों का जवाब पुलिस की जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
सरिया कहां से आया, जांच में खुलेगा राज
बरामद सरिये का वास्तविक स्रोत क्या है, इसे वहां किस माध्यम से पहुंचाया गया और इसके भंडारण के पीछे किसकी भूमिका है, ये जांच के महत्वपूर्ण बिंदु हैं। परिवहन से जुड़े दस्तावेज, वाहनों की आवाजाही, खरीद-बिक्री के अभिलेख और सीसीटीवी फुटेज की जांच से मामले की वास्तविकता सामने आ सकती है। स्थानीय स्तर पर सरिया चोरी और अवैध भंडारण से जुड़ी गतिविधियों की चर्चाएं भी होती रही हैं। हालांकि, पूर्व की घटनाओं और इस मामले के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्क्रैप, दूध और डीजल कटिंग की चर्चाएं भी जांच के दायरे में?
पदमा और आसपास के क्षेत्रों में स्क्रैप, दूध और डीजल की कथित कटिंग से जुड़ी चर्चाएं भी समय-समय पर सामने आती रही हैं। कुछ स्थानीय सूत्र इन गतिविधियों के पीछे संगठित नेटवर्क होने की आशंका जताते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और किसी व्यक्ति या समूह की संलिप्तता का प्रमाण भी सामने नहीं आया है। यदि इन गतिविधियों के बीच कोई संबंध है, तो संबंधित एजेंसियों को तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर इसकी भी पड़ताल करनी चाहिए।
अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी निगाहें
टाटा स्टील की लिखित शिकायत के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस मामले में क्या कार्रवाई करती है। बरामद सरिये की वास्तविक मात्रा, उसके स्रोत, वैध खरीद-बिक्री के दस्तावेज और परिवहन से जुड़े पहलुओं की जांच से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
फिलहाल इस मामले में किसी पुलिसकर्मी, कारोबारी या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता प्रमाणित नहीं हुई है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। लेकिन थाने के नजदीक इतनी बड़ी बरामदगी ने निगरानी व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। अब जरूरत है कि पुलिस निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर पूरे मामले का खुलासा करे।























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