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मानवता को शर्मसार करने वाली घटना: मेडिकल कॉलेज परिसर में आवारा कुत्ते के मुंह में मिला नवजात का शव; निजी अस्पताल सील

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सीसीटीवी में कैद हुई दो महिलाएं, थैले में ले जाकर पोस्टमार्टम हाउस के पास फेंका शव; जांच में खुलासा- निजी अस्पताल में हुआ था नाबालिग का प्रसव; DC और SP के निर्देश पर उत्तम हॉस्पिटल और निपुण अल्ट्रासाउंड सेंटर सील

मेदिनीनगर (पलामू), 28 अक्टूबर 2026: झारखंड के पलामू जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (MMCH) के परिसर में मंगलवार सुबह एक आवारा कुत्ते के मुंह में नवजात शिशु का शव देखे जाने के बाद हड़कंप मच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और मामले की गहन जांच शुरू की गई।

घटना का विवरण: सुबह 9:30 से 9:45 के बीच दिखा कुत्ता

MMCH के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सुबह करीब 9:30 से 9:45 बजे के बीच आवारा कुत्ता मुंह में नवजात का शव दबाकर अस्पताल परिसर में घूमता देखा गया। कई लोगों ने इसे देखा, लेकिन इसके बाद कुत्ता इलाके से गायब हो गया। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए और कुत्ते को खोजने के लिए टीमें गठित कीं।

CCTV फुटेज ने खोला राज: दो महिलाओं ने थैले में ले जाकर फेंका शव

जिला प्रशासन की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। MMCH के पास स्थित निजी अस्पतालों के CCTV फुटेज की जांच में पाया गया कि सुबह करीब 5:12 बजे दो महिलाएं एक थैला लेकर उत्तम हॉस्पिटल से निकलीं और MMCH परिसर में दाखिल हुईं। वे सीधे पोस्टमार्टम हाउस की ओर गईं। लगभग एक घंटे बाद जब वे लौटीं, तो उनके हाथ में थैला नहीं था। जांच में यह भी सामने आया कि शव को पोस्टमार्टम हाउस के पास फेंक दिया गया था, जिसके बाद आवारा कुत्ते ने उसे मुंह में दबा लिया।

जांच में बड़ा खुलासा: नाबालिग का हुआ था प्रसव

जांच में यह भी पता चला कि उत्तम हॉस्पिटल में एक नाबालिग (16 वर्षीय) का प्रसव कराया गया था। पलामू के उपायुक्त (DC) दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने बताया कि शव को MMCH परिसर में फेंका गया था और जांच में उत्तम हॉस्पिटल और निपुण अल्ट्रासाउंड सेंटर की संलिप्तता सामने आई है। दोनों संस्थानों के संचालन से जुड़े डॉ. शिव कुमार बिंद का नाम भी जांच में सामने आया है।

कार्रवाई: दोनों संस्थान सील, संचालकों पर होगी प्राथमिकी

DC दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और पुलिस अधीक्षक (SP) कपिल चौधरी के निर्देश पर MMCH के समीप स्थित उत्तम हॉस्पिटल और निपुण अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया गया है। मामले में अस्पताल संचालक, डॉक्टर और संबंधित कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।

जांच टीम का गठन

उपायुक्त के निर्देश पर प्रशिक्षु IAS ऋत्विक मेहता के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई है। टीम ने दोनों संस्थानों की संयुक्त जांच की और प्रसव से जुड़े दस्तावेजों, पंजीयन (संख्या 64/24) और घटना के अन्य पहलुओं की पड़ताल शुरू कर दी है। प्रशिक्षु IAS ऋत्विक मेहता ने कहा कि CCTV फुटेज और अस्पताल कर्मियों से पूछताछ के आधार पर कार्रवाई की जा रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

संभावित कानूनी धाराएं

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस मामले में कई गंभीर धाराएं लागू हो सकती हैं। नवजात के शव को फेंकने और लापरवाही बरतने के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। इसके अलावा, चूंकि प्रसव कराने वाली लड़की नाबालिग है, इसलिए POCSO अधिनियम के तहत भी जांच की आवश्यकता हो सकती है, क्योंकि किसी भी नाबालिग के गर्भधारण के मामले में अनिवार्य रिपोर्टिंग प्रावधान लागू होते हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस घटना पर भाजपा जिलाध्यक्ष अमित तिवारी ने चिंता और आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इसे मानवता को शर्मसार करने वाली घटना बताते हुए प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम मामले की गहन जांच में जुटी है। नवजात के शव को बरामद नहीं किया जा सका है, जिससे पोस्टमार्टम और मौत के सटीक कारण का पता लगाने में कठिनाई हो रही है। जांच टीम संस्थानों के पंजीयन, प्रसव से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है ताकि पूरे मामले का सच सामने आ सके।

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