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2010 के बाद कई बार सुरक्षा बलों से हुई मुठभेड़ में बच निकलने का पुलिस का दावा, चतरा के तीन थानों में 44 मामले दर्ज

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मुठभेड़ों से बचता रहा शशिकांत, पुराने प्रभाव क्षेत्र में फिर सक्रिय हुआ नेटवर्क, मुठभेड़ के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय, शशिकांत समेत संगठन से जुड़े पुराने नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर

वाराणसी में टीएसपीसी के सुप्रीमो बृजेश गंझू की मुठभेड़ में मौत के बाद झारखंड में संगठन से जुड़े बचे हुए नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है। एजेंसियां संगठन के पुराने प्रभाव क्षेत्रों, सक्रिय सदस्यों और उनके आपसी संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं। इसी क्रम में शशिकांत की गतिविधियों और उसके पुराने नेटवर्क को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2010 के बाद शशिकांत कई बार सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ों से बच निकलने में सफल रहा है। सितंबर 2025 में पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के केदल में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में भी उसके बच निकलने की बात सामने आई थी। इस घटना में दो पुलिसकर्मियों के शहीद होने की जानकारी सामने आई थी।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, शशिकांत हथियारों से लैस रहता है और लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा है। पुलिस की पूर्व जांच में उसके संबंध में अंधविश्वास से जुड़े कुछ पहलुओं का भी उल्लेख किया गया था। केदल और इसके आसपास का क्षेत्र उसका पुराना प्रभाव क्षेत्र बताया जाता रहा है।

इसी बीच, हाल में जेल से बाहर आया टीएसपीसी से जुड़ा नथुनी सिंह भी शशिकांत के संपर्क में आने की जानकारी पुलिस सूत्रों के हवाले से सामने आई है। इससे सुरक्षा एजेंसियां संगठन से जुड़े पुराने संपर्कों और संभावित नेटवर्क की गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं।

चतरा के तीन थाना क्षेत्रों में 44 मामले

पुलिस के अनुसार, शशिकांत के खिलाफ चतरा जिले के सिमरिया, टंडवा और लावालौंग थाना क्षेत्रों में कुल 44 मामले दर्ज हैं। इन मामलों और उनमें उसकी वर्तमान कानूनी स्थिति की जांच संबंधित पुलिस अभिलेखों के आधार पर की जा रही है।

टीएसपीसी के कई अन्य प्रमुख कमांडर पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं या सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं। बृजेश गंझू की मौत के बाद अब सुरक्षा एजेंसियों की नजर संगठन के बचे हुए ढांचे, संभावित नेतृत्व और उसके संपर्कों पर है। अधिकारियों की ओर से क्षेत्र में किसी नए नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका को लेकर भी निगरानी बढ़ाई गई है।

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