विभिन्न प्रखंडों में जुटे कार्यकर्ता, केंद्र से प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग
चतरा। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से शनिवार को चतरा जिले के मयूरहंड, गिद्धौर, सिमरिया, कुंदा समेत विभिन्न प्रखंड मुख्यालयों में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के कानून के विरोध में नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें रखीं।
एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2026 को केंद्र सरकार ने 17 अगस्त को अधिनियमित किया और 22 अगस्त से इसके प्रावधान प्रभावी हुए। केंद्र सरकार के अनुसार, संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र के लिए एक समान वित्तीय व्यवस्था स्थापित करना है। अधिनियम में खनिज अधिकारों और खनिज-युक्त भूमि पर राज्य सरकारों द्वारा नए कर, उपकर या अन्य शुल्क लगाने पर शर्तें निर्धारित की गई हैं।
मयूरहंड में महिला कार्यकर्ताओं की भी रही भागीदारी
मयूरहंड प्रखंड इकाई की ओर से प्रखंड मुख्यालय परिसर में आयोजित धरना में बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता एवं महिला कार्यकर्ता शामिल हुईं। वक्ताओं ने कहा कि झारखंड जल, जंगल और जमीन के साथ-साथ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। उनके अनुसार प्राकृतिक एवं खनिज संपदा से जुड़े मामलों में राज्य सरकार और स्थानीय जनता के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से एमएमडीआर संशोधन अधिनियम के प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की मांग की। वक्ताओं ने झारखंड आंदोलन के दौरान जल, जंगल और जमीन के अधिकारों को लेकर हुए संघर्षों का भी उल्लेख किया तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के हितों की रक्षा की बात कही।
धरना को जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष धर्मेंद्र दांगी, प्रखंड अध्यक्ष मनोज वर्मा, प्रखंड कोषाध्यक्ष राजेश कुमार यादव, किसान मोर्चा प्रखंड अध्यक्ष पिंटू कुमार राणा, युवा प्रखंड अध्यक्ष अशोक भुईयां, युवा प्रखंड उपाध्यक्ष प्रेम भुईयां, सर्जन दांगी, महेंद्र कुमार शर्मा, लखन यादव, मिथुन दांगी, मुकेश यादव, संजय दास, नौशाद अंसारी, करुणा सिंह, चुनचुन कुमार ठाकुर, प्रखंड सचिव रविश सिंह, प्रवक्ता अनिल कुमार महतो एवं कमरुद्दीन अंसारी समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया।
गिद्धौर में भी दिया धरना
गिद्धौर प्रखंड परिसर के मुख्य गेट के समीप झामुमो कार्यकर्ताओं ने प्रखंड अध्यक्ष के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन झामुमो नेता यदुनंदन पांडेय ने किया। यहां भी बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
वक्ताओं ने झारखंड के खनिज संसाधनों और जनता के हितों से जुड़े मुद्दे उठाते हुए केंद्र सरकार से संशोधन अधिनियम के प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग की। इस दौरान झारखंड आंदोलन और जल, जंगल, जमीन के अधिकारों से जुड़े संघर्षों का उल्लेख भी किया गया।
कार्यक्रम में युवा मोर्चा जिला सचिव, व्यवसायिक मोर्चा अध्यक्ष तुलसी यादव, देवदीप पासवान, प्रखंड सचिव, प्रखंड उपाध्यक्ष संजय यादव, यूनुस अंसारी, संगठन सचिव नगमा खातून, परेशमा खातून, विजय यादव, गुलाब यादव, प्रकाश यादव एवं अनिल टूटी समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
झामुमो कार्यकर्ताओं ने कहा कि झारखंड के अधिकारों, खनिज संपदा और स्थानीय जनता के हितों से जुड़े विषयों को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा। सभी स्थानों पर धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।























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