महिला की शिकायत में युवक को बताया निर्दोष, पुलिस टीम पर पथराव व वाहन क्षतिग्रस्त करने का भी आरोप
चतरा/टंडवा। चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिद्पा गांव में मुस्लिम युवक और एक महिला को कमरे में बंद होने की सूचना के बाद हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की है। दोनों मामलों में कुल 42 नामजद समेत बड़ी संख्या में अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। खास बात यह है कि जिस महिला को लेकर ग्रामीणों ने मुस्लिम युवक के साथ आपत्तिजनक स्थिति में होने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था, उसी महिला की शिकायत में युवक को पूरी तरह निर्दोष बताया गया है।
महिला ने कहा- लेनदेन के लिए घर आया था शाहबाज
महिला ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया है कि घटना के दिन परिवार के सभी सदस्य खेत गए हुए थे। इसी दौरान जानवरों की खरीद-बिक्री करने वाला उसके ससुर का साझेदार, कामता निवासी मो. शाहबाज, पैसे के लेनदेन को लेकर उसके ससुर की तलाश में घर आया था। ससुर के थोड़ी देर में आने की बात कहकर उसने शाहबाज को घर में बैठने के लिए कहा।
महिला का आरोप है कि इसी दौरान रिश्ते में देवर लगने वाले जयनंदन टाना भगत ने घर का दरवाजा बंद कर दिया और ग्रामीणों को जुटाने लगा। इसके बाद जयनंदन टाना भगत, विजय उरांव, अरविंद टाना भगत, विनोद उरांव और राजेश उरांव समेत अन्य लोग दोनों के आपत्तिजनक हालत में होने की बात कहकर भीड़ जुटाने लगे।
छत पर चढ़कर दरवाजा तोड़ने का आरोप
महिला के अनुसार, करीब 40 से 50 लोग उसके घर के बाहर हंगामा करने लगे। डर के कारण उसने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। आरोप है कि इसके बाद भीड़ घर की छत पर चढ़ गई और दरवाजा तोड़ने का प्रयास करने लगी। सूचना मिलने पर पुलिस बल गांव पहुंचा और दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। महिला के बयान पर पांच नामजद समेत 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
सीओ के बयान पर भी प्राथमिकी
दूसरी प्राथमिकी सीओ गौरव राय के बयान पर दर्ज की गई है। सीओ के आवेदन के अनुसार, सिद्पा गांव में एक महिला को मो. शाहबाज अंसारी के साथ कमरे में बंद किए जाने की सूचना मिली थी। महिला और पुरुष को छुड़ाने तथा मॉब लिंचिंग की आशंका को देखते हुए टंडवा थाना प्रभारी और पुलिस बल के साथ वे गांव पहुंचे। आवेदन के अनुसार, ग्रामीण दोनों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे।
सीओ ने आरोप लगाया है कि दोनों को पुलिस अभिरक्षा में बाहर निकालने के दौरान भीड़ उत्तेजित हो गई और उन्हें पुलिस से छीनने के लिए पथराव किया गया। इसमें कई पुलिसकर्मियों के घायल होने तथा पुलिस वाहन के क्षतिग्रस्त होने की बात कही गई है। सीओ के बयान पर 37 नामजद तथा 300 से 400 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
37 नामजद आरोपियों में कई ग्रामीण शामिल
सीओ के बयान पर दर्ज मामले में जयनंदन टाना भगत, विजय उरांव, अरविंद टाना भगत, बिनोद उरांव, राजेश उरांव, नकुल यादव, संतोष गंझू, गणेश गंझू, पूरण यादव, दिनेश उरांव, जयपाल उरांव, अजय राम, चंदन महतो, नागेंद्र यादव, जागेश्वर यादव, मनोज यादव, रविंद्र कुमार महतो, राजू महतो, दीपक महतो, सुरेश महतो, हेमराज महतो, हरिनाथ महतो, त्रिदेव कुमार, कृष्णा साव, जगदेव महतो, शंकर उरांव, अशोक महतो, रजित कुमार, बीरेंद्र कुमार, प्रमोद महतो, सुरेश उरांव, अशोक उरांव, धर्मेंद्र उरांव, महेश उरांव, अमृत टाना भगत, राजेश उरांव और चुरामन उरांव समेत अन्य को नामजद किया गया है।
























Total Users : 1179208
Total views : 3011339