लोहरदगा : खिदमत फाउंडेशन की ओर से अंजुमन मार्केट स्थित पुराना मदरसा बाबा दुखन शाह परिसर में परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद वीर अब्दुल हमीद की 61वीं शहादत दिवस मनाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शहीद अब्दुल हमीद के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस और देश के प्रति समर्पण को याद किया।
मौके पर कामरेड महेश कुमार सिंह ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। वह देश के सच्चे सिपाही थे। उनका बलिदान देशवासियों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। हमें उनके आदर्शों और देशभक्ति से सीख लेकर राष्ट्रहित में कार्य करने की जरूरत है।
खिदमत फाउंडेशन के अध्यक्ष मुमताज अहमद ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद ने 1965 के भारत-पाक युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए दुश्मन के टैंकों का मुकाबला किया और उनके नापाक इरादों को विफल किया। उन्होंने कहा कि ऐसे महान योद्धाओं की वीरगाथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
शिक्षक नेता शैलेन्द्र सुमन ने कहा कि गाजीपुर के वीर सपूत अब्दुल हमीद की शहादत देश के इतिहास में सदैव याद की जाएगी। उनके अद्भुत साहस और देशप्रेम ने उन्हें अमर कर दिया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को ऐसे वीर सपूतों के जीवन और बलिदान से परिचित कराने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में किसुन दास, मोहम्मद जफर, शिक्षक तौहीद आलम, इनामुल हक, मोहम्मद असलम सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे। मौके पर एस. खालिद शाह, गुलाम मुर्तजा खलीफा, हाफिज मोहम्मद शफीक, कारी मोहम्मद रेहान, मोहम्मद साहेब खलीफा, रफीक मल्लिक, परवेज अंसारी, शिक्षक रिजवान जाहिद, एस. असफर, रिंकू शाह, पिंकू शाह, मोहम्मद बेलाल शाह, रिजवान अंसारी, मोहम्मद शकील सहित मदरसे के बच्चे एवं अन्य लोग उपस्थित थे।























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