प्रशिक्षण सुविधाओं और सड़क सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, युवाओं के लिए नए रोजगार अवसरों पर बनी सहमति
अजमेर/सिंगावल, न्यूज स्केल संवाददाता। जर्मनी की प्रतिष्ठित कंपनी टीयूवी राइनलैंड के वरिष्ठ प्रबंधकों की टीम ने राजस्थान के अजमेर जिले के सिंगावल स्थित रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (आरडीटीसी) का दौरा किया। टीम ने केंद्र पर संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, प्रायोगिक प्रयोगशालाओं, ड्राइविंग ट्रैक, स्वचालित ड्राइविंग परीक्षण ट्रैक सहित उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया।
जर्मनी से पहुंचे एतिहाद जॉन्स, प्रिंसिपल डायरेक्टर, विपिन एस. दास, कंट्री हेड, जोया नागपाल, असिस्टेंट जनरल मैनेजर–ऑपरेशंस तथा लोकेंद्र पंड्या, रीजनल मैनेजर–राजस्थान का आरडीटीसी टीम की ओर से राजस्थानी परंपरा के अनुसार साफा, दुपट्टा एवं शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया गया। केंद्र की निदेशक ऋतु चौहान, सेंटर मैनेजर विजय कुमार, सह-समन्वयक भुवन माथुर सहित टीम ने अतिथियों को केंद्र की गतिविधियों और प्रशिक्षण सुविधाओं की जानकारी दी।
दौरे के दौरान जनरल ड्यूटी असिस्टेंट (जीडीए) तथा इलेक्ट्रिक हार्डवेयर असेंबली ऑपरेटर प्रशिक्षण कार्यक्रमों की कक्षाओं और प्रायोगिक प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया गया। जर्मन टीम ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से संवाद कर उनके प्रशिक्षण अनुभव, कौशल विकास और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी ली।
केंद्र की प्रगति के संबंध में बताया गया कि जीडीए कार्यक्रम में अब तक 60 अभ्यर्थियों का नामांकन हुआ है। इनमें से 30 अभ्यर्थी प्रशिक्षण एवं मूल्यांकन पूरा करने के बाद जयपुर, अजमेर और विजयनगर के मल्टी-फैसिलिटी अस्पतालों में रोजगार प्राप्त कर चुके हैं। इन युवाओं को लगभग 15 हजार रुपये तक मासिक वेतन मिल रहा है।
वहीं इलेक्ट्रिक हार्डवेयर असेंबली ऑपरेटर पाठ्यक्रम में वर्तमान में 30 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह 45 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें लगभग 70 प्रतिशत प्रशिक्षण प्रायोगिक रखा गया है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अभ्यर्थियों का मूल्यांकन किया जाएगा और सफल प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
12वीं पास युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों पर चर्चा
दौरे के दौरान उप परिवहन आयुक्त (सड़क सुरक्षा) डॉ. वीरेंद्र सिंह राठौड़ ने राजस्थान सरकार, संबंधित संस्थाओं तथा राज्य के विभिन्न केंद्रों के माध्यम से सड़क सुरक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी।
उन्होंने जर्मन टीम से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण युवाओं के लिए इलेक्ट्रिक वाहन तकनीशियन, सौर तकनीशियन तथा जर्मनी में टीयूवी कंपनी में स्थानीय ड्राइवरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का आग्रह किया। जर्मन कंपनी के अधिकारियों ने इस दिशा में सकारात्मक सहमति व्यक्त की।
जर्मन टीम ने सिंगावल प्रशिक्षण केंद्र को देश के बेहतरीन ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्रों में से एक बताते हुए इसकी व्यवस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बताया। टीम ने राज्य सरकार के लिए लिखित परीक्षा में चयनित ड्राइवरों के ट्रैक टेस्ट और सिम्युलेटर टेस्ट का भी बारीकी से निरीक्षण किया। बताया गया कि सिंगावल केंद्र के माध्यम से पिछले ढाई वर्षों में 40 हजार से अधिक लोग प्रशिक्षण से लाभान्वित हो चुके हैं।
दौरे के दौरान टीयूवी राइनलैंड की टीम और प्रशिक्षण केंद्र से जुड़े अधिकारियों के बीच आगामी नए प्रोजेक्ट्स एवं संभावित सहयोग को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही नए प्रोजेक्ट्स को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए जाने की संभावना है। दोनों पक्षों ने युवाओं को बेहतर कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए भविष्य में मिलकर नए प्रोजेक्ट्स पर काम करने पर सहमति जताई। कार्यक्रम के अंत में टीयूवी राइनलैंड की जर्मन टीम के केंद्र पर दौरे, मार्गदर्शन और सकारात्मक सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया।
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