मंडल कारा में जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने लगाया कानूनी जागरूकता शिविर, बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी
न्यूज स्केल | गिरिडीह, झारखंड। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह की ओर से मंडल कारा गिरिडीह में काराधीन बंदियों के बीच जेल अदालत-सह-विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। झालसा, रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह के सचिव सफदर अली नैयर ने बंदियों को प्राधिकार की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नालसा, नई दिल्ली एवं झालसा, रांची के निर्देश पर काराधीन बंदियों के लिए समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। इसी क्रम में प्रत्येक माह जेल अदालत का आयोजन किया जाता है, ताकि बंदियों के लंबित मामलों के त्वरित समाधान और उन्हें आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा सके।
उन्होंने बताया कि जेल में बंदियों को निरंतर विधिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बंदियों के बीच से ही पारा लीगल वॉलिंटियर्स की नियुक्ति की गई है। ये पीएलवी बंदियों के संपर्क में रहकर उनकी कानूनी एवं अन्य समस्याओं को कारा प्रशासन के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकार तक पहुंचाते हैं। इसके बाद प्राधिकार द्वारा समस्याओं पर त्वरित संज्ञान लेते हुए समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ नजमुल हसन ने बंदियों को आवेदन देकर निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ उठाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जो नए बंदी जेल में आते हैं, उन्हें जेल पीएलवी के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि जो बंदी अपने खर्च पर अधिवक्ता रखने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए लीगल एड डिफेंस काउंसिल के तहत अधिवक्ताओं की प्रतिनियुक्ति की गई है। ये अधिवक्ता संबंधित न्यायालय में बंदियों के मामलों में पैरवी करते हैं। साथ ही बंदियों के मामलों की निरंतर मॉनिटरिंग जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह के माध्यम से की जाती है।
24 वर्षों से लंबित मामले में एक बंदी रिहा
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित जेल अदालत में लगभग 24 वर्षों से लंबित एक मामले में एक बंदी को रिहा किया गया। इस दौरान न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी स्मृति त्रिपाठी एवं जेल अधीक्षक हिमानी पांडेय भी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से जेल में प्रतिनियुक्त पारा लीगल वॉलिंटियर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्हें आम बंदियों के बीच लगातार कानूनी जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि कोई भी बंदी अपने कानूनी अधिकारों से वंचित न रहे।

जेल पीएलबी को विशेष निर्देश दिया गया कि यदि किसी बंदी को निःशुल्क अधिवक्ता की आवश्यकता हो तो उसका आवेदन तत्काल कारा प्रशासन के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह के कार्यालय एवं ई-मेल पर भेजा जाए, ताकि संबंधित बंदी को तत्काल निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
कार्यक्रम को सफल बनाने में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के गौरी शंकर सहाय, फैयाज अहमद, रंजीव कुमार रंजीव, रवि कुमार शर्मा, पुरुषोत्तम कुमार, पीएलबी मुकेश कुमार वर्मा, कोनेन अहमद, जेल पीएलबी एवं जेल कर्मियों की भूमिका सराहनीय रही।






















Total Users : 1142158
Total views : 2968971