सावित्री देवी के निधन से शोक की लहर, विश्वकर्मा समाज ने परिजनों को बंधाया ढांढ़स
लोहरदगा। लंबे समय से बीमार चल रहीं 78 वर्षीय श्रीमती सावित्री देवी के निधन से लोहरदगा में शोक की लहर है। उनका निधन शुक्रवार की रात करीब दो से तीन बजे के बीच हो गया। वह अपने पीछे पति श्री सेतु बांध शर्मा, पुत्र ब्रजेश सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं।
श्रीमती सावित्री देवी की अंतिम यात्रा शुक्रवार को करीब 12:30 बजे विश्वकर्मा मंदिर, अजय उद्यान के समीप स्थित उनके आवास से निकाली गई। अंतिम यात्रा में परिजनों, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों एवं विभिन्न समाज के लोगों ने शामिल होकर उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
इस दुखद घटना पर लोहरदगा विश्वकर्मा समाज के अध्यक्ष दीपक कर्मकार एवं सचिव अमरेश विश्वकर्मा ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढ़स बंधाया। दोनों ने दिवंगत सावित्री देवी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिवार के लिए अत्यंत दुख की घड़ी है। ऐसे कठिन समय में विश्वकर्मा समाज पूरी संवेदना के साथ शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है।
अध्यक्ष दीपक कर्मकार एवं सचिव अमरेश विश्वकर्मा ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि सावित्री देवी का निधन परिवार के साथ-साथ समाज के लिए भी अपूरणीय क्षति है।
विभिन्न समाज के लोगों ने भी उनके निधन को अत्यंत दुखद बताते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की और दिवंगत आत्मा की शांति एवं सद्गति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
















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