‘पुलिसकर्मी भी कह रहे थे सरकार हटाइए’, पीएम से माफी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की दोहराई मांग
नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों के मुद्दे और पीएम आवास के बाहर हुए प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान जब पुलिस उन्हें हिरासत में ले जा रही थी, तब कुछ पुलिसकर्मियों ने भी सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।
राहुल गांधी ने कहा कि पुलिसकर्मी उन्हें घसीटते हुए ले जा रहे थे, लेकिन कान में कह रहे थे कि “इस सरकार को हटाइए।” उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि एक पुलिसकर्मी ने खुद को राजस्थान का और दूसरे ने हरियाणा का बताते हुए कहा कि वे केवल वर्दी पहनकर अपना कर्तव्य निभा रहे हैं, लेकिन छात्रों के साथ जो हुआ उससे वे भी खुश नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि समझदार पुलिसकर्मी भी मानते हैं कि छात्रों के साथ अन्याय हुआ है। उनके अनुसार, पुलिसकर्मी भी उन छात्रों में अपने बच्चों का भविष्य देखते हैं और जानते हैं कि युवाओं के साथ गलत हुआ है।
हिरासत में लिए जाने के अनुभव पर राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें ऐसी परिस्थितियों की आदत है और इससे उन्हें कोई परेशानी नहीं होती। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में उनका दायित्व देश के छात्रों, युवाओं, किसानों और आम लोगों की आवाज उठाना है। उन्होंने कहा कि लोगों की आवाज बनना उनके लिए सम्मान की बात है और इसके लिए वे हर तरह की कठिनाई सहने को तैयार हैं।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उनका मुद्दा अप्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें बिल्कुल स्पष्ट हैं—पहली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें; दूसरी, छात्रों पर बल प्रयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो; और तीसरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को नजरअंदाज करना देश के हित में नहीं है।






















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