सीआरपीएफ जवान की मौत के बाद हुए समझौते का उल्लंघन, सड़क जाम की दी चेतावनी
सिमरिया (चतरा)। सिमरिया-टंडवा मुख्य मार्ग स्थित देलहो गांव में प्रशासन और परिवहन संचालकों के बीच हुए समझौते के बावजूद दिन के समय कोयला लदे भारी वाहनों के परिचालन से ग्रामीणों में एक बार फिर नाराजगी फैल गई। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे जैसे ही सिमरिया की ओर से लोडेड हाइवा देलहो पहुंचे, ग्रामीणों ने वाहनों को रोककर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सड़क पर खड़े भारी वाहनों का वीडियो बनाकर स्थानीय विधायक एवं प्रशासनिक अधिकारियों को भेजा और नियमों के उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले इसी देलहो गांव में एक हाइवा की चपेट में आने से सीआरपीएफ जवान लक्ष्मण यादव की दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के बाद ग्रामीणों के आंदोलन के कारण छह दिनों तक कोयला परिवहन पूरी तरह बंद रहा था। बाद में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई बैठक में यह सहमति बनी थी कि सुबह 6 बजे के बाद किसी भी स्थिति में लोडेड भारी वाहनों का परिचालन नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह समझौता केवल कुछ दिनों तक ही लागू रहा। परिवहन दोबारा शुरू होते ही नियमों की अनदेखी की जाने लगी और दिन के समय फिर से भारी वाहन सड़क पर दौड़ने लगे। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन और परिवहन एजेंसियां किए गए वादों का पालन नहीं कर रही हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी, तो क्षेत्र में फिर किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
शुक्रवार को ग्रामीणों ने कुछ देर तक वाहनों को रोककर विरोध जताया। अधिकारियों को वीडियो भेजने और शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्होंने वाहनों को आगे जाने दिया। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दिन के समय भारी वाहनों का परिचालन तत्काल बंद नहीं किया गया, तो वे दोबारा अनिश्चितकालीन सड़क जाम आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।























Total Users : 1079848
Total views : 2882908