कारो नदी में डूबते दो मासूमों को बचाने के बाद पिता की मौत, पूरे इलाके में शोक की लहर
पश्चिमी सिंहभूम। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा थाना क्षेत्र से पिता के त्याग और ममता की एक मार्मिक घटना सामने आई है। लोहार बस्ती निवासी दामु हेंब्रम ने अपने दोनों बेटों की जान बचाने के लिए अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी। शुक्रवार सुबह ठाकुरा गांव स्थित कारो नदी में नहाने के दौरान दोनों बेटे तेज बहाव में फंसकर डूबने लगे। बच्चों को बचाने के लिए दामु हेंब्रम बिना अपनी जान की परवाह किए नदी में कूद पड़े। उन्होंने दोनों बेटों को सुरक्षित बाहर निकाल दिया, लेकिन खुद गहरे पानी में समा गए।
जानकारी के अनुसार, दामु हेंब्रम शुक्रवार सुबह अपने दोनों बेटों के साथ कारो नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान दोनों बच्चे अचानक नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। बच्चों को डूबता देख दामु हेंब्रम तुरंत नदी में कूद पड़े और साहस का परिचय देते हुए दोनों बेटों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचा दिया।
हालांकि बच्चों की जान बचाने के बाद दामु हेंब्रम स्वयं नदी के गहरे पानी और तेज बहाव में फंस गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर तत्काल गुवा सेल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही गुवा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी। हादसे की खबर फैलते ही लोहार बस्ती सहित पूरे गुवा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल और मृतक के घर पहुंचे तथा परिजनों को सांत्वना दी। बताया गया कि दामु हेंब्रम गुवा सेल खदान के ओएचपी विभाग में ठेका मजदूर के रूप में कार्यरत थे और परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा थे। उनके असामयिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
स्थानीय लोगों ने दामु हेंब्रम के अदम्य साहस और त्याग को सलाम करते हुए कहा कि उन्होंने एक पिता होने का सबसे बड़ा धर्म निभाया। अपने दोनों बेटों को नई जिंदगी देकर उन्होंने स्वयं अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। यह हृदयविदारक घटना पूरे क्षेत्र को भावुक कर गई है और दामु हेंब्रम की बहादुरी को लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।






















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