26 डिसमिल भूमि के स्वामित्व संबंधी अभिलेखों में कथित हेरफेर कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) कराने का आरोप
चतरा। चतरा जिले में करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन के कथित फर्जीवाड़े के मामले में झारखंड हाई कोर्ट के निर्देश पर सदर थाना में अंचल अधिकारी (सीओ), अंचल निरीक्षक (सीआई), राजस्व कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित 10 लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने सदर थाना कांड संख्या 234/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राथमिकी के अनुसार, आरोपी अधिकारियों और अन्य लोगों पर चतरा शहर के नगवां मोहल्ला स्थित लगभग 26 डिसमिल भूमि के स्वामित्व संबंधी अभिलेखों में कथित हेरफेर कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) कराने का आरोप है।

मामले में जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें तत्कालीन अंचल अधिकारी अनिल कुमार, अंचल निरीक्षक विरेंद्र कुमार, राजस्व कर्मचारी सीमा कुमारी सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर संदीप कुमार सहित हीरा कुमार, मनोज कुमार, मुकेश कुमार, उदय कुमार, साबरा खातून और सलमा खातून शामिल हैं।
शिकायतकर्ता फियाज अहमद के अनुसार, नगवां स्थित खाता संख्या 136 के प्लॉट संख्या 824 एवं 825 की कुल 26 डिसमिल भूमि विधिसम्मत रूप से उनके कब्जे में है। उनका दावा है कि उन्होंने यह जमीन विधिक प्रक्रिया के तहत खरीदी थी और उस पर चारदीवारी भी कराई है।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि कथित रूप से फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी और जाली दस्तावेज तैयार कर उक्त जमीन को अन्य लोगों के नाम बेच दिया गया। साथ ही सरकारी अभिलेखों और ऑनलाइन रिकॉर्ड में कथित छेड़छाड़ कर म्यूटेशन भी स्वीकृत कर दिया गया।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि फर्जीवाड़े के बाद आरोपियों द्वारा जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है तथा विरोध करने पर धमकियां दी जा रही हैं।
बताया गया कि शिकायतकर्ता ने पहले स्थानीय थाना में कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन मामला दर्ज नहीं होने पर उन्होंने फरवरी 2026 में झारखंड हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत के निर्देश के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




















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