रात के अंधेरे में दौड़ रहे बालू लदे ट्रैक्टर, मिलीभगत के आरोप; सीसीटीवी जांच की उठी मांग
गुमला। झारखंड सरकार द्वारा सितंबर माह तक बालू उठाव पर रोक लगाए जाने और जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद गुमला में अवैध बालू कारोबार थमता नजर नहीं आ रहा है। शहर में प्रतिबंध के बाद भी कथित रूप से रात और अहले सुबह बालू का अवैध परिवहन जारी रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बालू माफिया चोरी-छिपे ट्रैक्टरों के माध्यम से बालू की आपूर्ति कर रहे हैं और बाजार में ऊंचे दाम पर बेच रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, पहले जहां एक ट्रैक्टर बालू करीब 1600 रुपये में उपलब्ध होता था, वहीं प्रतिबंध के बाद इसकी कीमत लगभग दोगुनी हो गई है। आरोप है कि अवैध रूप से बालू लदे ट्रैक्टर देर रात या सुबह-सुबह शहर के विभिन्न इलाकों में पहुंचाए जा रहे हैं। ट्रैक्टरों के आगे-पीछे बाइक सवार लोगों के चलने की भी चर्चा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी के बावजूद यह कारोबार जारी है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो अवैध बालू कारोबार पर रोक लगाना मुश्किल हो जाएगा।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न मार्गों और प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि प्रतिबंध के बावजूद रात और सुबह के समय बालू का अवैध परिवहन हो रहा है या नहीं। फिलहाल, इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि शिकायतों की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।


















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