Home बिहार झारखंड देश-विदेश मनोरंजन खेल क्राइम शिक्षा राजनीति हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

पलाश बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत चार दिवसीय जिला स्तरीय गैर-आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण का शुभारंभ

---Advertisement---
WhatsApp Group Join Now

*

*पलाश बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत चार दिवसीय जिला स्तरीय गैर-आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण का शुभारंभ*

लोहरदगा, झारखंड शिक्षा परियोजना, लोहरदगा द्वारा झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC), झारखंड सरकार के निर्देशन में संचालित पलाश बहुभाषी शिक्षा (Palash MTB-MLE) कार्यक्रम के अंतर्गत आज डायट, चिरी, लोहरदगा में चार दिवसीय जिला स्तरीय गैर-आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण 06 जुलाई से 09 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें जिले के सभी 50 पलाश बहुभाषी शिक्षा हस्तक्षेप विद्यालयों के चयनित शिक्षक दो बैचों में सहभागिता कर रहे हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को भाषा एवं संख्यात्मक साक्षरता (FLN) के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृभाषा आधारित शिक्षण तथा बहुभाषी कक्षा-शिक्षण की व्यवहारिक समझ प्रदान करना है।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी (SDEO), लोहरदगा, सुश्री सीमा लकड़ा एवं डायट, चिरी के संकाय सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

 

उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में सुश्री सीमा लकड़ा ने कहा कि प्राथमिक शिक्षक बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं। यदि प्रारंभिक कक्षाओं में भाषा एवं गणित की बुनियादी दक्षताओं (Foundational Literacy and Numeracy – FLN) का प्रभावी विकास सुनिश्चित किया जाए, तो बच्चे आगे की सभी कक्षाओं में बेहतर अधिगम कर सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान एवं शिक्षण रणनीतियों को विद्यालयों में पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू करें, ताकि प्रत्येक बच्चा निर्धारित Student Learning Outcomes (SLOs) एवं FLN लक्ष्यों को प्राप्त कर सके।

 

उन्होंने यह भी कहा कि मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षा बच्चों को सहज, आनंददायक एवं संदर्भ आधारित अधिगम का अवसर प्रदान करती है, जिससे उनकी भाषा क्षमता, आत्मविश्वास, सहभागिता एवं सीखने की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होता है।

 

कार्यक्रम के दौरान अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी सुश्री सीमा लकड़ा ने डायट, चिरी में स्थापित स्कूल संग्रहालय एवं पुस्तकालय कक्ष का भी अवलोकन किया। उन्होंने स्थानीय भाषा, संस्कृति एवं पारंपरिक ज्ञान पर आधारित इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह संग्रहालय एवं पुस्तकालय शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए एक उत्कृष्ट शिक्षण संसाधन के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने पलाश बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में किए जा रहे नवाचारों, विद्यालयों में मातृभाषा आधारित शिक्षण तथा शैक्षणिक सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की।

 

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को संशोधित पलाश पाठ्यपुस्तकों, कार्यपुस्तिकाओं, शिक्षक संदर्शिका, दैनिक पाठ योजनाओं, उच्च प्रभावी शिक्षण रणनीतियों (HITS), सतत मूल्यांकन, समूह आधारित शिक्षण तथा भाषा एवं गणित के एकीकृत शिक्षण पर व्यवहारिक अभ्यास कराया जाएगा, ताकि वे कक्षा-कक्ष में इन रणनीतियों का प्रभावी उपयोग कर सकें।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

पुलिस और प्रिंस खान गैंग के बीच मुठभेड़: कुख्यात अपराधी शिवराज उर्फ शिवा के पैर में लगी गोली, भारी मात्रा में पिस्टल व कारतूस बरामद

लोहरदगा से रांची पहाड़ी मंदिर तक निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर समिति ने बनाई रणनीति

हलधर गिरधर इंडोर स्टेडियम का हुआ शुभारंभ, खिलाड़ियों को मिले तीन बैडमिंटन कोर्ट और आधुनिक जिम

खेत से लौट रही महिला को लगा करंट, अस्पताल में भर्ती

रांची-डाल्टनगंज रेल रूट पर दौड़ेगी 12 कोच वाली मेमू, नौकरीपेशा, छात्रों और व्यापारियों को मिलेगी बड़ी राहत

छात्रों की गूंज’ अभियान को लेकर लोहरदगा में प्रेस वार्ता, विद्यार्थियों से आंदोलन से जुड़ने का आह्वान

Leave a Comment