लोहरदगा –मुहर्रम त्योहार को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर लोहरदगा जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी कड़ी में आज लोहरदगा न्यू पुलिस लाइन मे एंटी राइट मॉक ड्रिल किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए पुलिस बल ने अपनी तैयारियों को परखा। अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्रद्धा केरकेट्टा,किस्को SDPO दिवाकर कुमार, सार्जेंट मेजर शेरू रंजन और मेजर विवेक कुमार की की देखरेख में अभ्यास हुआ। अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित होकर पुलिस जवानों के अनुशासन और त्वरित कार्रवाई की क्षमता का बारीकी से क़ो सिखाया। त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति से निपटने के लिए जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षात्मक उपकरणों का व्यावहारिक उपयोग किया गया:
आंसू गैस के गोले (Tear Gas): उग्र भीड़ को नियंत्रित करने और तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस छोड़ने का अभ्यास किया गया।
रबर बुलेट फायरिंग (Rubber Bullet Firing): स्थिति पर काबू पाने और न्यूनतम बल प्रयोग के तहत उपद्रवियों को पीछे धकेलने के लिए रबर की गोलियां चलाने का सफल प्रदर्शन हुआ।
रणनीतिक चक्रव्यूह: जवानों को दंगा नियंत्रण के आधुनिक तौर-तरीकों, लाठी चार्ज की सही तकनीक और सुरक्षात्मक घेरा बनाने का अभ्यास कराया गया।
शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल को हर परिस्थिति के लिए सतर्क, मुस्तैद और तैयार रखना है। इसके साथ ही प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे मुहर्रम के त्योहार को शांति और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं। हुड़दंग करने वाले या सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुहर्रम त्योहार को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर लोहरदगा जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी कड़ी में आज लोहरदगा न्यू पुलिस लाइन मे एंटी राइट मॉक ड्रिल किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए पुलिस बल ने अपनी तैयारियों को परखा। अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्रद्धा केरकेट्टा,किस्को SDPO दिवाकर कुमार, सार्जेंट मेजर शेरू रंजन और मेजर विवेक कुमार की की देखरेख में अभ्यास हुआ। अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित होकर पुलिस जवानों के अनुशासन और त्वरित कार्रवाई की क्षमता का बारीकी से क़ो सिखाया। त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति से निपटने के लिए जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षात्मक उपकरणों का व्यावहारिक उपयोग किया गया:
आंसू गैस के गोले (Tear Gas): उग्र भीड़ को नियंत्रित करने और तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस छोड़ने का अभ्यास किया गया।
रबर बुलेट फायरिंग (Rubber Bullet Firing): स्थिति पर काबू पाने और न्यूनतम बल प्रयोग के तहत उपद्रवियों को पीछे धकेलने के लिए रबर की गोलियां चलाने का सफल प्रदर्शन हुआ।
रणनीतिक चक्रव्यूह: जवानों को दंगा नियंत्रण के आधुनिक तौर-तरीकों, लाठी चार्ज की सही तकनीक और सुरक्षात्मक घेरा बनाने का अभ्यास कराया गया।
शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल को हर परिस्थिति के लिए सतर्क, मुस्तैद और तैयार रखना है। इसके साथ ही प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे मुहर्रम के त्योहार को शांति और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं। हुड़दंग करने वाले या सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

















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