रात करीब 1 बजे शोर सुनकर जुटे लोग, पुलिस ने हिरासत में लेकर शुरू की मामले की जांच
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
देवघर। देवघर जिले के सारठ प्रखंड अंतर्गत कैराबाँका पंचायत में शनिवार की देर रात एक बेहद ही संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है। पंचायत के वर्तमान मुखिया सागर मंडल को कथित तौर पर देर रात नशे की हालत में एक महिला के घर में प्रवेश करने के आरोप में स्थानीय ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। इस घटना के बाद गांव में भारी हंगामा मच गया और आक्रोशित ग्रामीणों ने मुखिया को काफी देर तक बंधक बनाए रखा।
रात 1 बजे शोर-शराबा सुनकर जुटे ग्रामीण, मुखिया को घेरा
स्थानीय ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे की है। प्रभावित महिला के घर से अचानक आधी रात को तेज शोर-शराबा और चिल्लाने की आवाजें सुनकर आस-पास के ग्रामीण सतर्क हो गए। जब लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए।
ग्रामीणों ने महिला के घर के भीतर मौजूद मुखिया सागर मंडल को तुरंत चारों तरफ से घेर लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि मुखिया उस समय अत्यधिक नशे की हालत में थे। स्थिति को बिगड़ता देख प्रबुद्ध ग्रामीणों ने हंगामा शांत कराने और मुखिया को भागने से रोकने के लिए उन्हें वहीं बंधक बना लिया। इसके तुरंत बाद घटना की आधिकारिक सूचना सारठ थाना पुलिस को दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने मुखिया को निकाला बाहर, जांच जारी
आधी रात को मुखिया को बंधक बनाए जाने की संवेदनशील सूचना मिलते ही सारठ थाना की पुलिस टीम दल-बल के साथ अविलंब कैराबाँका पंचायत के चिन्हित गांव पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और कानून हाथ में न लेने की हिदायत दी। इसके बाद पुलिस ने मुखिया सागर मंडल को ग्रामीणों के चंगुल से मुक्त कराकर अपनी हिरासत में लिया और सुरक्षित थाने ले आई।
आरोपों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार, गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म
इस घटना के बाद से पूरे सारठ प्रखंड और कैराबाँका पंचायत में तरह-तरह की राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। जनप्रतिनिधि से जुड़े इस मामले को लेकर इलाके में तनाव और कौतूहल का माहौल है।
सारठ थाना पुलिस के अनुसार, मामले की गहनता और निष्पक्षता से जांच की जा रही है। पुलिस पीड़ित महिला और ग्रामीणों के बयान दर्ज कर रही है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल लगाए गए गंभीर आरोपों की कोई आधिकारिक या चिकित्सीय पुष्टि नहीं हुई है; पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और साक्ष्य संकलन पूरा होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी और तदनुसार आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






















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