फिर खूनी साबित हुई घाटी, कोल परियोजना से कोयला लादकर यूपी जा रहा था चालक
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
चतरा। चतरा-डोभी मुख्य मार्ग पर स्थित संघरी घाटी एक बार फिर वाहन चालकों के लिए ‘काल’ साबित हुई है। घुमावदार मोड़ों और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण यह घाटी अब पूरी तरह से दुर्घटना जोन (डेथ जोन) में तब्दील हो चुकी है। शनिवार को यहाँ दो भारी ट्रकों के बीच हुई आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत में एक 28 वर्षीय युवा ट्रक चालक की दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद संघरी घाटी में घंटों तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
मृतक चालक की पहचान बिहार राज्य के गया (गयाजी) जिले के बाराचट्टी निवासी सुनील कुमार यादव (28 वर्ष) के रूप में की गई है।
विपरीत दिशा से आ रहे काल ने मारी टक्कर, पलटने से शरीर से अलग हुआ हाथ
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुनील कुमार यादव चतरा जिले के टंडवा स्थित मगध कोल परियोजना से अपने ट्रक में कोयला लादकर उत्तर प्रदेश (यूपी) की ओर जा रहा था। इसी दौरान जैसे ही उसका वाहन संघरी घाटी के संकीर्ण मार्ग पर पहुंचा, विपरीत दिशा से आ रहे एक अन्य तेज रफ्तार ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर की विभीषिका इतनी भयावह थी कि सुनील का ट्रक असंतुलित होकर बीच सड़क पर ही पलट गया। केबिन के बुरी तरह पिचक जाने के कारण उसमें दबकर चालक सुनील का एक हाथ कटकर शरीर से अलग हो गया और सिर में गंभीर चोटें आईं, जिससे वह मौके पर ही लहूलुहान होकर बेहोश हो गया।
गया मेडिकल कॉलेज ले जाने के दौरान रास्ते में ही तोड़ा दम
घटना के तुरंत बाद राहगीरों ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सदर थाना चतरा की पुलिस टीम अविलंब सशस्त्र बल और एंबुलेंस के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से भारी मशक्कत कर केबिन को काटकर लहूलुहान चालक को बाहर निकाला।
प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए गया मेडिकल कॉलेज (ANMMCH) रेफर किया गया। परंतु, रास्ते में ले जाने के दौरान घाव अत्यधिक गहरे होने और अत्यधिक खून बह जाने के कारण सुनील ने दम तोड़ दिया।
क्रेन से हटाए गए दुर्घटनाग्रस्त ट्रक, कड़ी मशक्कत के बाद यातायात सुचारू
हादसे के बाद बीच सड़क पर दोनों ट्रकों के दुर्घटनाग्रस्त होकर फंस जाने के कारण घाटी में आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था। सदर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारी क्रेन को मौके पर बुलाया। क्रेन की मदद से पलटे हुए ट्रकों को सड़क के किनारे हटाया गया, जिसके बाद पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर यातायात को सुचारू कराया।
स्थानीय ग्रामीणों और वाहन चालकों का कहना है कि संघरी घाटी में आए दिन इस तरह के भीषण हादसे हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा मानकों को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है, जिससे इस मार्ग पर सफर करना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।






















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