Home बिहार झारखंड देश-विदेश मनोरंजन खेल क्राइम शिक्षा राजनीति हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

समाजसेवी इन्दर सिंह बागावास के नशामुक्त अभियान को मिला अभूतपूर्व जनसमर्थन

---Advertisement---
WhatsApp Group Join Now

नशे के खिलाफ ‘सिपाही’ बने ब्यावर के ई-रिक्शा चालक! 300 रिक्शाओं पर लगे जागरूकता स्टीकर, बोले- “हम प्रशासन के चलते-फिरते CCTV हैं”

न्यूज स्केल राजस्थान ब्यूरो, रमेश शर्मा, ब्यावर

ब्यावर। शहर के प्रख्यात समाजसेवी एवं भामाशाह इन्दर सिंह बागावास द्वारा चलाए जा रहे “नशे की पुड़िया और इंजेक्शन मुक्त ब्यावर” अभियान को अब धरातल पर एक बहुत बड़ी मजबूती मिली है। शहर के ई-रिक्शा चालकों ने इस अभियान को अपना कंधा दे दिया है। यूनियन अध्यक्ष दीपचंद अटवाल के नेतृत्व में सैकड़ों रिक्शा चालक इस जनजागरण अभियान से जुड़े और ब्यावर को नशे के चंगुल से आजाद कराने के लिए खुलकर समर्थन देने का सामूहिक संकल्प लिया।

300 ई-रिक्शाओं पर लगे स्टीकर, मैदान में दिखा एकजुटता का नजारा

स्थानीय सरपुलिया स्थित मोहम्मद अली उच्च माध्यमिक विद्यालय के मैदान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान करीब 300 ई-रिक्शाओं को पूरी अनुशासित पंक्ति में खड़ा किया गया, जिन पर नशामुक्ति जागरूकता के संदेश वाले स्टीकर चपकाए गए। रिक्शा चालकों ने इस मौके पर शपथ ली कि वे केवल सवारियां ढोने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि शहर की रगों में घुल रहे नशे के जहर को मिटाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

“हम प्रशासन के चलते-फिरते CCTV हैं, पुलिस को देंगे हर इनपुट”

यूनियन अध्यक्ष दीपचंद अटवाल ने ई-रिक्शा चालकों की ताकत को रेखांकित करते हुए एक बेहद दमदार बात कही। उन्होंने कहा कि:

“प्रत्येक ई-रिक्शा चालक प्रशासन का एक चलता-फिरता सीसीटीवी (CCTV) है। हम दिनभर शहर की गली-मोहल्लों में रहते हैं और हर संदिग्ध गतिविधि पर हमारी नजर रहती है। अब ब्यावर में जहां भी नशे की अवैध बिक्री या सेवन जैसी हरकतें दिखाई देंगी, हम उसकी सूचना बिना किसी डर के सीधे पुलिस प्रशासन को देंगे।”

उन्होंने आगे कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ब्यावर के हजारों परिवारों और खासकर युवा पीढ़ी को नशे की काली गिरफ्त में बर्बाद होने से बचाना है।

जनभागीदारी से ही मिटेगा नशा: इन्दर सिंह बागावास

अभियान के प्रणेता और समाजसेवी इन्दर सिंह बागावास ने ई-रिक्शा चालकों के इस जज्बे को सलाम किया। उन्होंने कहा कि एक नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी आदेशों या प्रशासन के अकेले प्रयासों से मुमकिन नहीं है, इसके लिए जनभागीदारी सबसे जरूरी है। रिक्शा चालकों द्वारा आज लिया गया यह ऐतिहासिक संकल्प ब्यावर में एक बड़ा और सकारात्मक सामाजिक बदलाव लेकर आएगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment