Home बिहार झारखंड देश-विदेश मनोरंजन खेल क्राइम शिक्षा राजनीति हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

विकास मॉडल को देखने पहुंचे बिहार के 40 मुखिया: मनरेगा पार्क, सरसों तेल यूनिट और जेंडर रिसोर्स सेंटर का किया निरीक्षण; झारखंड की योजनाओं को सराहा

---Advertisement---
WhatsApp Group Join Now

जनप्रतिनिधियों ने जाना पंचायती राज और योजनाओं के अभिसरण का गणित; प्रखंड सभागार में बीडीओ ने किया भव्य स्वागत; डीपीआरओ और जिप सदस्य रहे मौजूद

न्यूज स्केल लाइव

सिमरिया (चतरा): चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड क्षेत्र में संचालित पंचायती राज विभाग की महत्वाकांक्षी योजनाओं और अन्य कल्याणकारी सरकारी योजनाओं के सफल अभिसरण (कनवर्जेंस) के बेहतरीन मॉडल को देखने और समझने के लिए पड़ोसी राज्य बिहार के जनप्रतिनिधि सिमरिया पहुंचे। बिहार के अरवल एवं औरंगाबाद जिले के विभिन्न पंचायतों से आए 40 मुखियाओं के एक उच्चस्तरीय अध्ययन प्रतिनिधिमंडल (अध्ययन दल) ने सिमरिया प्रखंड की विभिन्न पंचायतों का विस्तृत दौरा किया।

इस विशेष भ्रमण के दौरान बिहार के मुखियाओं ने धरातल पर संचालित हो रहे विभिन्न जमीनी और स्वरोजगार से जुड़े विकास कार्यों का बहुत ही बारीकी से अवलोकन व निरीक्षण किया।

ऐदला की सरसों तेल यूनिट और कोरी जांगी का मनरेगा पार्क बना आकर्षण का केंद्र

अध्ययन दौरे के क्रम में बिहार से आए प्रतिनिधिमंडल ने सिमरिया प्रखंड की भौगोलिक स्थिति को समझा और स्वरोजगार के क्षेत्र में आजीविका दीदियों की सफलता को देखा:

  • सरसों तेल निर्माण यूनिट: मुखियाओं की टीम ने सबसे पहले ऐदला पंचायत का रुख किया, जहाँ उन्होंने ऐदला महिला आजीविका समूह द्वारा संचालित आधुनिक सरसों तेल निर्माण यूनिट (प्रसंस्करण केंद्र) का निरीक्षण किया। बिहार के जनप्रतिनिधियों ने जेएसएलपीएस के तहत आजीविका दीदियों द्वारा किए जा रहे इस आत्मनिर्भर प्रयास और तेल की शुद्धता व पैकेजिंग की जमकर सराहना की।

  • कोरी जांगी का मनरेगा पार्क: इसके बाद टीम ने कोरी जांगी पंचायत स्थित प्रसिद्ध मनरेगा पार्क का भ्रमण किया। यहाँ जल संरक्षण, पौधरोपण और मनरेगा के तहत सृजित किए गए स्थायी आजीविका के परिसंपत्तियों को देखकर मुखिया बेहद प्रभावित हुए।

  • जेंडर रिसोर्स सेंटर: प्रतिनिधिमंडल ने बानासाड़ी पंचायत का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने जेंडर रिसोर्स सेंटर (लैंगिक संसाधन केंद्र) का कड़ा निरीक्षण कर ग्रामीण महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा, उनके अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत तकनीकी जानकारी ली।

प्रखंड सभागार में बीडीओ चंद्र देव प्रसाद ने किया स्वागत, योजनाओं की दी विस्तृत जानकारी

पंचायतों के भ्रमण से पूर्व सिमरिया प्रखंड मुख्यालय स्थित मुख्य सभागार में एक विशेष परिचयात्मक एवं समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया था। बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) चंद्र देव प्रसाद ने बुके देकर और शॉल ओढ़ाकर बिहार से आए सभी सम्मानित अतिथि मुखियाओं का गर्मजोशी से भव्य स्वागत किया। बीडीओ चंद्र देव प्रसाद ने बैठक को संबोधित करते हुए सिमरिया प्रखंड में पंचायती राज संस्थाओं (PRI) की त्रिस्तरीय त्रि-स्तरीय कार्यप्रणाली, ग्राम सभाओं के अधिकार, प्रशासनिक पारदर्शिता और विभिन्न कल्याणकारी विकास योजनाओं के सफल धरातलीय क्रियान्वयन की विस्तृत तकनीकी जानकारी साझा की।

झारखंड और बिहार की योजनाओं व पंचायती अनुभवों का हुआ आदान-प्रदान

इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला मुख्यालय से विशेष रूप से शामिल हुईं जिला पंचायती राज पदाधिकारी (DPRO) कुमारी वेदवंति ने चतरा जिले की विभिन्न पंचायतों में संचालित हो रही अनूठी और आदर्श योजनाओं की रूपरेखा रखी। उन्होंने बताया कि कैसे विभिन्न विभागों की योजनाओं को आपस में जोड़कर (अभिसरण कर) गांवों का कायाकल्प किया जा रहा है।

वहीं, जिला परिषद सदस्य देव नंदन साहू ने भी चतरा जिले के अपने पंचायती अनुभवों को साझा किया। इसके जवाब में बिहार से आए मुखियाओं ने भी बिहार राज्य में सात निश्चय योजना और पंचायती राज के तहत किए जा रहे अपने अभिनव प्रयोगों और अनुभवों को झारखंड के अधिकारियों के साथ टेबल पर साझा किया।

ऐदला, बानासाड़ी और जांगी पंचायतों का स्थलीय भ्रमण, मुखिया बोले— ‘बिहार में लागू करेंगे यह मॉडल’

सभागार की बैठक के समापन के बाद पूरे प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों की देखरेख में ऐदला, बानासाड़ी एवं जांगी पंचायतों के विभिन्न वार्डों और गांवों का सघन स्थलीय भ्रमण किया। यहाँ उन्होंने सीधे तौर पर ग्रामीण उपभोक्ताओं, किसानों और आजीविका दीदियों से बात कर योजनाओं के लाभ और उनकी दैनिक आय में हुई वृद्धि का फीडबैक लिया।

बिहार के औरंगाबाद और अरवल से आए मुखियाओं ने चतरा जिला प्रशासन और सिमरिया प्रखंड प्रशासन की कार्यशैली की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि सिमरिया में योजनाओं का अभिसरण और महिला सशक्तिकरण का यह मॉडल वाकई बेमिसाल है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे यहाँ से सीखे गए तकनीकी और व्यावहारिक अनुभवों को बिहार लौटकर अपनी-अपनी पंचायतों में पूरी तत्परता से लागू करेंगे, ताकि वहाँ भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती दी जा सके। इस सफल अध्ययन दौरे के मौके पर प्रखंड और अंचल के कई कनीय अभियंता, पंचायत सचिव, मुखिया और भारी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment