पुल के पास बालू में दफनाई गई थी लाश; एसडीपीओ के नेतृत्व में दो हत्यारे गिरफ्तार, एक नाबालिग निरुद्ध; मृतक का आईफोन और हत्या का कारण बने 7 जिंदा कारतूस पुलिस ने किए जब्त
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
चतरा: चतरा जिले के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गड़िया गांव निवासी देवलाल यादव के पुत्र प्रमोद कुमार के अचानक हुए रहस्यमय अपहरण मामले का चतरा पुलिस ने पूर्ण रूप से पटाक्षेप (खुलासा) कर दिया है। यह पूरा मामला महज अपहरण का नहीं, बल्कि अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री के आंतरिक विवाद में एक दोस्त द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर की गई प्रमोद की वीभत्स हत्या का निकला।
पुलिस ने त्वरित विधिक कार्रवाई करते हुए इस जघन्य हत्याकांड में शामिल दो प्राथमिक अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अपचारी नाबालिग को निरुद्ध (हिरासत में लिया) किया गया है। चतरा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सन्नी वर्धन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर और प्रेस वार्ता आयोजित कर इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड का आधिकारिक पर्दाफाश किया।
पिता ने दर्ज कराया था अपहरण का केस, 200 मीटर दूर बालू के भीतर गड़ा मिला शव
एसडीपीओ के अनुसार, बीते 7 जून 2026 को गड़िया गांव निवासी वादी देवलाल यादव द्वारा राजपुर थाने में एक लिखित आवेदन दिया गया था। इसमें उन्होंने बताया था कि उनके पुत्र प्रमोद कुमार का अज्ञात अपराधियों द्वारा जबरन अपहरण कर लिया गया है। इस शिकायत पर राजपुर थाना कांड संख्या-37/26, दिनांक 07.06.2026, धारा-137(2)/140(1)/140(2)/140(3)/126(2)/351(2) B.N.S. के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
युवक के अपहरण के मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चतरा पुलिस अधीक्षक (SP) के कड़े निर्देशानुसार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDO) सन्नी वर्धन के सीधे नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस की टीम ने जब त्वरित तकनीकी और धरातलीय अनुसंधान शुरू किया, तो उसी दिन (7 जून को) गड़िया गांव के समीप स्थित गड़िया पुल से करीब 200 मीटर उत्तर दिशा में नदी के भीतर बालू (रेत) में गाड़कर छिपाया हुआ अपहृत प्रमोद कुमार का शव बरामद हुआ। शव मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
अवैध हथियार और 7 जिंदा कारतूस बने मौत का कारण, दोस्त ने ही रची थी साजिश
एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि नदी से शव बरामद होने के बाद पुलिस ने ह्यूमन रिसोर्स (मानवीय खुफिया तंत्र) एवं साइबर सेल के तकनीकी इनपुट्स का गहनता से अवलोकन किया। चतरा एसपी के सूक्ष्म निरीक्षण में पुलिस की तकनीकी शाखा के सहयोग से पेशेवर तरीके से जब जांच को आगे बढ़ाया गया, तो अपराधियों का सारा नेटवर्क बेनकाब हो गया।
अनुसंधान में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि मृतक प्रमोद कुमार का पथेल गांव के ही अपने कुछ दोस्तों के साथ अवैध हथियारों (गैरकानूनी हथियारों) की खरीद-बिक्री और पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के कारण प्रमोद के ही एक पक्के दोस्त ने पथेल गांव के अपने अन्य चार साथियों के साथ मिलकर पहले उसका अपहरण किया और फिर बड़ी ही बेरहमी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। साक्ष्य छुपाने और पुलिस को गुमराह करने की नीयत से अपराधियों ने शव को नदी के किनारे ले जाकर गहरे बालू के भीतर दफन कर दिया था।
दो हत्यारे गिरफ्तार और एक नाबालिग निरुद्ध, कड़े पहरे में भेजे गए जेल
राजपुर थाना पुलिस ने त्वरित दंडात्मक कार्रवाई करते हुए इस हत्याकांड में सीधे तौर पर शामिल दो अप्राथमिकी अभियुक्तों को धर दबोचा। गिरफ्तार और निरुद्ध किए गए अपराधियों की सूची इस प्रकार है:
सुनील कुमार (उम्र करीब 19 वर्ष), पिता- बैजनाथ सिंह, साकिन- पथेल (टोला- बाघमरी), थाना- राजपुर, जिला- चतरा।
सुनील कुमार (उम्र करीब 21 वर्ष), पिता- विकास सिंह भोक्ता, साकिन- पथेल (टोला- बाघमरी), थाना- राजपुर, जिला- चतरा।
एक अपचारी नाबालिग (जिसे पुलिस संरक्षण में निरुद्ध किया गया है)।
मृतक का आईफोन, खूनी गमछा, रस्सी और 7 जिंदा कारतूस बरामद (प्रदर्श):
पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों की कड़ाई से की गई पूछताछ और उनकी निशानदेही पर घटना स्थल और उनके गुप्त ठिकानों से निम्नलिखित सामानों को विधिक रूप से बरामद कर जब्त किया है:
01 पीस गमछा: जिसका उपयोग मुख्य रूप से हत्या (गला घोंटने) में किया गया था।
एक रस्सी का टुकड़ा: जो वारदात में प्रयुक्त की गई थी।
मृतक का आईफोन (iPhone): जो अपराधी लूट ले गए थे।
07 अदद जिंदा राउंड (कारतूस/गोली): जो इस पूरी हत्या और विवाद का मुख्य कारण बने थे।
03 अन्य मोबाइल फोन: जो अपराधियों के पास से जब्त हुए हैं।
इस अंधे और पेचीदा हत्याकांड का महज कुछ ही घंटों के भीतर पर्दाफाश करने और शव बरामद कर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने वाले विशेष दल में मुख्य रूप से शामिल रहे: सन्नी वर्धन, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), चतरा (टीम लीडर)।
श्री विपिन कुमार, पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर), सदर अंचल, चतरा। पु०अ०नि० रूपेश कुमार, थाना प्रभारी, राजपुर थाना। पु०अ०नि० अमित कुमार गुप्ता, राजपुर थाना। पु०अ०नि० संदीप प्रसाद वर्मा, राजपुर थाना। चतरा पुलिस की तकनीकी शाखा (साइबर सेल) में कार्यरत जांबाज कर्मी। राजपुर थाना के सशस्त्र बल के जवान।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कांड में फरार चल रहे अन्य सह-आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी जारी है और जल्द ही उन्हें भी दबोच लिया जाएगा। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस त्वरित और कड़क कार्रवाई की भूरी-भूरी प्रशंसा की है।






















Total Users : 1014305
Total views : 2791890