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उपायुक्त का बड़ा एक्शन: वन विभाग की एनओसी और डीएमएफटी योजनाओं की मैराथन समीक्षा; लापरवाह एजेंसियों को एक हफ्ते का अल्टीमेटम

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एनओसी के फेर में फंसी बिजली, सड़क और पानी की योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने का निर्देश; जिले की सभी 153 पंचायतों में स्थानीय जरूरत के आधार पर चुनी जाएंगी डीएमएफटी योजनाएं; डीएफओ और डीडीसी रहे मौजूद

न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो

चतरा: चतरा जिले में विकास की रफ्तार को गति देने और फाइलों में दबी जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह रेस (एक्शन मोड में) हो गया है। समाहरणालय स्थित सभा कक्ष और उपायुक्त कार्यालय कक्ष में उपायुक्त (DC) रवि आनंद की अध्यक्षता में दो अत्यंत महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं।

पहली बैठक में वन विभाग (फॉरेस्ट क्लीयरेंस) से संबंधित लंबित मामलों की पेंच सुलझाई गई, जबकि दूसरी बैठक में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) मद के अंतर्गत संचालित व प्रस्तावित योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। इस दौरान उपायुक्त ने प्रशासनिक सुस्ती और काम में अनावश्यक देरी करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सख्त लहजे में चेतावनी दी।

भाग-1: वन विभाग की एनओसी के फेर में नहीं रुकेंगे विकास कार्य, आपसी समन्वय से हटेगी बाधा

समाहरणालय के मुख्य सभा कक्ष में आयोजित पहली बैठक में विभिन्न महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में वन विभाग से संबंधित जटिल प्रक्रियाओं, तकनीकी अड़चनों और अनुमतियों (क्लियरेंस) के कारण लंबित पड़े मामलों की विस्तृत और गहन समीक्षा की गई।

  • योजनावार बिंदुवार समीक्षा: उपायुक्त रवि आनंद ने जिले में विद्युत संचरण परियोजनाओं (बिजली ग्रिड व लाइन), ग्रामीण व शहरी पेयजलापूर्ति पाइपलाइन, मुख्य सड़कों, पुल-पुलिया के निर्माण सहित उन सभी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचागत योजनाओं की समीक्षा की, जो वनाधिकार अधिनियम (FRA), अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) अथवा वन विभाग की अन्य विधिक प्रक्रियाओं के कारण अधर में लटकी हुई हैं। उपायुक्त ने संबंधित कार्यपालक अभियंताओं से योजनावार वास्तविक प्रगति की जानकारी ली।

  • ग्राम सभा को एक्टिव करने का निर्देश: उपायुक्त ने कड़ा निर्देश दिया कि जिन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु नियमानुसार ग्राम सभा का आयोजन आवश्यक है, उन मामलों में बिना किसी देरी के तत्काल ग्राम सभा बुलाई जाए। वहां से पारित प्रस्तावों को तुरंत अनुमंडल स्तरीय वनाधिकार समिति से अनुमोदित कराकर जिला स्तरीय वनाधिकार समिति से अंतिम स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए।

  • अफसरों की उपस्थिति: इस महत्वपूर्ण बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO उत्तरी) राहुल मीणा, वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO दक्षिणी) मुकेश कुमार, अपर समाहर्ता (AC) अरविंद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO चतरा) जहूर आलम सहित विभिन्न कार्यपालक अभियंता उपस्थित थे।

भाग-2: डीएमएफटी मद से चमकेगी चतरा की सभी 153 पंचायतें, कामचोर एजेंसियों की खैर नहीं

इसके तुरंत बाद उपायुक्त कार्यालय कक्ष में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) मद के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में संचालित एवं प्रस्तावित योजनाओं की उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर बल दिया गया।

  • एक सप्ताह के भीतर कार्य शुरू करने का अल्टीमेटम: समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कुछ तकनीकी एजेंसियों की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताई, जिन्हें योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति (एडमिनिस्ट्रेटिव अप्रूवल) महीनों पहले प्राप्त हो चुकी है, लेकिन उन्होंने धरातल पर अब तक कार्य प्रारंभ नहीं किया है। उपायुक्त ने ऐसी सभी एजेंसियों को ‘लास्ट वार्निंग’ देते हुए एक सप्ताह के भीतर हर हाल में काम शुरू करने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • खनन प्रभावित क्षेत्रों का कायाकल्प: बैठक में सरकारी विद्यालयों में अतिरिक्त क्लास रूम (कक्ष) का निर्माण, स्कूलों की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी (बाउंड्री वॉल) निर्माण, सुदूरवर्ती क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कें और पुल-पुलिया की प्रगति जांची गई।

  • 153 पंचायतों के लिए ऐतिहासिक निर्णय: बैठक में चतरा जिले की सभी 153 पंचायतों के विकास के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। अब स्थानीय ग्रामीणों और पंचायतों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप ही नई विकास योजनाओं का चयन कर उन्हें त्वरित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जाएगी, ताकि खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सुशासन का सीधा लाभ मिल सके।

  • बैठक में ये रहे मौजूद: इस समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त (DDC) अमरेंद्र कुमार सिन्हा, जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) के प्रभारी पदाधिकारी विनय कुमार और डीएमएफटी पीएमयू (PMU) के तकनीकी प्रतिनिधि उपस्थित थे।

जनता की सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: उपायुक्त रवि आनंद

दोनों बैठकों के अंत में अधिकारियों और कार्यपालक अभियंताओं को कड़ा संदेश देते हुए उपायुक्त रवि आनंद ने कहा: “डीएमएफटी मद और अन्य सरकारी मदों से संचालित योजनाओं का एकमात्र मूल उद्देश्य खनन प्रभावित और सुदूरवर्ती वन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण कर अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याण सुनिश्चित करना है। सभी संबंधित विभाग और एजेंसियां पूरी जवाबदेही, पारदर्शिता और अपेक्षित गंभीरता के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य समय सीमा के भीतर पूर्ण करें। अधिकारी फाइलों को दबाकर न बैठें, बल्कि आपसी विभागीय समन्वय से बाधाओं का त्वरित निराकरण करें, ताकि आमजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ सही समय पर धरातल पर मिल सके।”

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