दैनिक कार्य ठप होने से आम जनता का जीना मुहाल, गरीब परिवारों पर दोहरी मार; अनुमंडल-प्रखंड कार्यालय और रेफरल अस्पताल जनरेटर के भरोसे; सुधारात्मक कदम उठाने की उठी मांग
न्यूज स्केल लाइव
सिमरिया (चतरा): चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों आसमान से बरसती आग और रिकॉर्डतोड़ भीषण गर्मी के बीच चरमराई बिजली व्यवस्था ने स्थानीय नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है। क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली की आँख-मिचौनी और अघोषित कटौती से आम उपभोक्ताओं की परेशानी चरम पर पहुंच गई है। अनियमित और बदहाल बिजली आपूर्ति ने पूरे प्रखंड क्षेत्र के जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त और बेपटरी कर दिया है।
सिर्फ 5 से 10 मिनट आती है बिजली, फिर 4 घंटे के लिए गायब
स्थानीय उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि इस चिलचिलाती गर्मी में बिजली महज 5 से 10 मिनट के लिए आती है और फिर अगले तीन से चार घंटे तक पूरी तरह से गुल हो जाती है। बिजली की इस लुका-छिपी के कारण लोगों के घरों में पीने के पानी की किल्लत खड़ी हो गई है। बार-बार ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या के कारण पानी की मोटर से लेकर तमाम घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शो-पीस बनकर रह गए हैं, जिससे लोगों के दैनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
व्यापार ठप, अमीर इनवर्टर के सहारे तो गरीबों पर टूटा दुखों का पहाड़
बिजली के इस गंभीर संकट का सीधा और प्रतिकूल असर घरेलू कार्यों के साथ-साथ सिमरिया बाजार की व्यावसायिक गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। वेल्डिंग दुकान, फोटोकॉपी, कंप्यूटर सेंटर और लघु उद्योग पूरी तरह ठप होने की कगार पर हैं।
हालात यह हैं कि आर्थिक रूप से सुविधा-संपन्न लोग तो इनवर्टर, जनरेटर और अन्य वैकल्पिक साधनों के सहारे किसी तरह अपनी दुकानों और घरों का काम चला रहे हैं, लेकिन सुदूर ग्रामीण इलाकों के आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब परिवारों को सबसे अधिक नारकीय स्थिति और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उमस भरी भीषण गर्मी और कड़े पावर कट के कारण मासूम बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं, जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं।
सरकारी कार्यालयों की रफ्तार सुस्त, जनरेटर के भरोसे चल रहा रेफरल अस्पताल
सिमरिया में छाए इस बिजली संकट का असर अब सीधे तौर पर प्रशासनिक व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। सिमरिया अनुमंडल कार्यालय, प्रखंड मुख्यालय कार्यालय, स्थानीय थाना एवं लाइफ-लाइन माने जाने वाले रेफरल अस्पताल सिमरिया में आवश्यक और आपातकालीन सरकारी कार्य भारी-भरकम खर्च उठाकर जनरेटर के सहारे किसी तरह संचालित किए जा रहे हैं। बार-बार बिजली बाधित होने से कंप्यूटर ऑपरेटरों को काम करने में भारी परेशानी आ रही है, जिससे महत्वपूर्ण सरकारी और जनहित के कार्यों की गति पूरी तरह सुस्त हो गई है।
विभाग अविलंब सुधारे व्यवस्था, अन्यथा आंदोलन के लिए बाध्य होंगे लोग
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और समाजसेवियों ने बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता (EE) और कनीय अभियंता (JE) से शीघ्र सुधारात्मक कदम उठाते हुए क्षेत्र में नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि इस भीषण गर्मी के दौर में लगातार की जा रही मनमानी कटौती पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई और फीडर व जर्जर तारों को दुरुस्त नहीं किया गया, तो उपभोक्ता सड़कों पर उतरकर बिजली सब-स्टेशन का घेराव करने और उग्र आंदोलन करने के लिए पूरी तरह से विवश होंगे।






















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