खराब प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों पर गिरेगी गाज; जिन विषयों में है शिक्षकों की कमी, वहां अन्य स्कूलों से तुरंत होगा प्रतिनियोजन; नोडल पदाधिकारी हर हफ्ते करेंगे शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
चतरा: चतरा जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) सभा कक्ष में मंगलवार को उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में एक अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित ‘मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ (CM SoE) एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) के मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 के परिणामों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी-सह-जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा सभी एक्सीलेंस विद्यालयों के परीक्षा परिणामों का विस्तृत स्कूलवार प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) दिया गया, जिसके आधार पर उपायुक्त ने कम अंक लाने वाले स्कूलों के प्रबंधन को सीधे निशाने पर लिया।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, 2027 की परीक्षा के लिए अभी से बनेगी रणनीति
समीक्षा के दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि झारखंड सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना राज्य के गरीब विद्यार्थियों को निजी स्कूलों की तर्ज पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रतिस्पर्धी वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। ऐसे में इन प्रतिष्ठित सरकारी विद्यालयों के शैक्षणिक प्रदर्शन में निरंतर सुधार और शत-प्रतिशत परिणाम सुनिश्चित करना सभी संबंधित शिक्षा पदाधिकारियों, प्रधानाध्यापकों (प्रिंसिपलों) एवं शिक्षकों की प्राथमिक व महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने शिक्षा विभाग को कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि आगामी मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2027 की बेहतर तैयारी को लेकर अभी से ही ठोस और प्रभावी कार्ययोजना (ब्लूप्रिंट) बनाकर धरातल पर कार्य करना शुरू कर दें।
चतरा केजीबीवी के रिजल्ट पर भड़के उपायुक्त, सिमरिया गर्ल्स स्कूल को सख्त हिदायत
जिले के एक्सीलेंस और केजीबीवी स्कूलों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने बेहतर और शानदार प्रदर्शन करने वाले चुनिंदा विद्यालयों के शिक्षकों की खुले मन से सराहना की। वहीं दूसरी ओर अपेक्षाकृत खराब और संतोषजनक से कम प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कड़े सुधारात्मक कदम उठाने का आदेश दिया।
केजीबीवी चतरा पर असंतोष: विशेष रूप से केजीबीवी सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस चतरा के मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा परिणामों में भारी गिरावट और कमियों पर उपायुक्त ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित विषयवार शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन को अविलंब सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अल्टीमेटम दिया।
सिमरिया गर्ल्स स्कूल को निर्देश: इसी क्रम में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स, सिमरिया के परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए वहां की शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ व मजबूत बनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।
डीसी ने साफ तौर पर कहा कि विद्यार्थियों की विषयवार प्रगति की नियमित साप्ताहिक समीक्षा की जाए और जो छात्र पढ़ाई में कमजोर हैं, उनके लिए अनिवार्य रूप से अतिरिक्त कक्षाओं (एक्स्ट्रा क्लासेस) का संचालन कर शैक्षणिक अनुश्रवण को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
शिक्षकों की कमी होगी दूर, दूसरे स्कूलों से योग्य शिक्षकों का होगा प्रतिनियोजन
विद्यार्थियों की पढ़ाई को सुचारू रखने के लिए उपायुक्त ने एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन महत्वपूर्ण विषयों में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस एवं केजीबीवी विद्यालयों में शिक्षक-शिक्षिकाओं की कमी (शॉर्टेज) है, वहां जिले के अन्य सरकारी मिडिल या हाई स्कूलों से योग्य व अनुभवी शिक्षकों का आवश्यकतानुसार अविलंब प्रतिनियोजन (डेपुटेशन) सुनिश्चित किया जाए। किसी भी परिस्थिति में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
नोडल पदाधिकारी हर हफ्ते करेंगे स्कूलों की ऑन-स्पॉट जांच
शिक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी के लिए बैठक में यह अनिवार्य नियम बनाया गया कि सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस विद्यालयों के लिए जिला स्तर से नामित किए गए सभी नोडल एवं संबद्ध प्रशासनिक पदाधिकारी प्रत्येक सप्ताह अनिवार्य रूप से अपने गोद लिए गए विद्यालयों का औचक निरीक्षण और समीक्षा करेंगे।
उपायुक्त ने कहा कि सतत अनुश्रवण (लगातार मॉनिटरिंग) एवं समयबद्ध मूल्यांकन के माध्यम से ही आगामी वर्षों की बोर्ड परीक्षाओं में चतरा जिले को राज्य स्तर पर बेहतर स्थान दिलाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त अब से जिले के सभी केजीबीवी एवं सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस विद्यालयों के प्रभारियों के साथ नियमित रूप से जिला स्तरीय पाक्षिक व मासिक समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मुख्य रूप से उपस्थित
समाहरणालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) दिनेश मिश्रा, जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) रामजी कुमार, शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक, सभी प्रखंडों के कस्तूरबा विद्यालयों की वार्डन, एक्सीलेंस स्कूलों के प्रधानाध्यापक समेत अन्य संबंधित शिक्षा पदाधिकारी और कलेक्ट्रेट के कर्मी उपस्थित रहे।



















Total Users : 1010651
Total views : 2786964