भारी वाहनों के शोर से उड़ी लोगों की नींद, बाहरी मजदूरों के खुले में शौच करने से स्वच्छता अभियान फेल; स्थानीय मजदूरों ने लगाया कम मजदूरी देने का आरोप; समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
न्यूज स्केल लाइव
हंटरगंज (चतरा): चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड अंतर्गत बलूरी पंचायत के दुदु गांव में संचालित महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना इन दिनों स्थानीय ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। परियोजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों, भारी वाहनों के परिचालन और प्रबंधन की मनमानी को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी और गहरा आक्रोश व्याप्त है।
दुदु गांव के प्रभावित ग्रामीणों ने परियोजना प्रबंधन पर वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, गंदगी फैलाने, स्थानीय मजदूरों के भुगतान में भारी अनियमितता बरतने तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी करने का सीधा आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और परियोजना के वरीय अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।
धूल के गुबार से हवा हुई जहरीली, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बड़ा संकट
प्रभावित ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि भारतमाला परियोजना के निर्माण कार्य में लगे दर्जनों भारी डंपरों और पोकलेन मशीनों के चौबीसों घंटे लगातार आवागमन से पूरे दुदु गांव में धूल का भारी गुबार उड़ रहा है। इस बेकाबू धूल के कारण सड़क किनारे रहने वाले सैकड़ों परिवारों का सामान्य जनजीवन पूरी तरह नरकीय हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि हवा में लगातार तैर रहे धूल के कणों के कारण लोगों को सांस लेने में भारी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। इसका सबसे खतरनाक और प्रतिकूल असर गांव के मासूम बच्चों, बुजुर्गों और पहले से दमा व अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, जिससे वे लगातार बीमार हो रहे हैं। कंपनी द्वारा नियमानुसार सड़क पर पानी का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है।
ध्वनि प्रदूषण से उड़ी रातों की नींद, बाहरी मजदूरों के खुले में शौच से बढ़ी गंदगी
वायु प्रदूषण के साथ-साथ ग्रामीणों ने अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण (शोर) का मुद्दा भी बेहद प्रखरता से उठाया है। ग्रामीणों का कहना है कि दिन और रात के सन्नाटे में भी बिना रुके चलने वाले भारी वाहनों और कंक्रीट मिक्सर मशीनों के कानफाड़ू शोर से स्थानीय लोगों की रातों की नींद पूरी तरह हराम हो गई है।
इसके अलावा, गांव की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि परियोजना में काम करने के लिए बाहर से लाए गए कुछ मजदूर खुले में शौच कर रहे हैं, जिससे गांव की गलियों में गंदगी फैल रही है और केंद्र व राज्य सरकार के स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ रही हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रबंधन इन बाहरी मजदूरों के लिए अविलंब अस्थाई शौचालयों और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
स्थानीय मजदूरों का आर्थिक शोषण, बिना सेफ्टी किट के काम करने को मजबूर
परियोजना में काम कर रहे हंटरगंज के स्थानीय मजदूरों ने भी प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है। मजदूरों का कहना है कि उनसे दिन-रात कड़ा श्रम (काम) लिया जाता है, लेकिन उसके बदले उन्हें कार्य के अनुरूप उचित और सम्मानजनक मजदूरी नहीं दी जा रही है। उन्होंने मजदूरी भुगतान में पूरी पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
वहीं दूसरी ओर, कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों (सेफ्टी नॉर्म्स) का पूरी तरह मखौल उड़ाया जा रहा है। निर्माण स्थल पर काम करने वाले कई मजदूर बिना हेलमेट, बिना सुरक्षा जूते (सेफ्टी शूज), बिना जैकेट और अन्य जरूरी जीवन रक्षक उपकरणों के ही जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं। इसके कारण किसी भी वक्त कार्यस्थल पर कोई भी बड़ी और जानलेवा दुर्घटना घटने की आशंका लगातार बनी हुई है।
समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो ठप करेंगे काम: ग्रामीण
दुदु गांव और बलूरी पंचायत के आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और भारतमाला परियोजना के निदेशकों को कड़े लहजे में चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन गंभीर और जायज समस्याओं का शीघ्र, वैज्ञानिक और धरातलीय समाधान नहीं किया गया, तो वे परियोजना के काम को पूरी तरह ठप कर उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि विकास की कीमत पर वे अपने बच्चों के स्वास्थ्य और गांव की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।



















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