पैसा लेकर कतार लगाने वाला ‘लाइन माफिया’ सक्रिय; मना करने पर मारपीट पर उतारू होते हैं स्थानीय युवक; दूर-दराज के मरीजों ने जिला प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
देवघर: संथाल परगना के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान देवघर एम्स (AIIMS) अस्पताल से कुव्यवस्था और मरीजों के परिजनों के बीच हिंसक झड़प की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एम्स में आए दिन ओपीडी (OPD) काउंटर पर लाइन लगाने एवं टोकन लेने को लेकर मरीजों के परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक और झड़प होना आम बात हो गई है। इसी कड़ी में शुक्रवार को टोकन काउंटर के पास स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मामला देखते ही देखते लात-घूंसों और हाथापाई तक पहुंच गया।
वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, गनीमत यह रही कि मौके पर मुस्तैद प्राइवेट सुरक्षाकर्मियों (Security Guards) ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए बीच-बचाव किया, जिसके बाद मामले को शांत कराया जा सका।
अस्पताल कर्मियों से भी होती है कहासुनी, ओपीडी में उमड़ रही भारी भीड़
स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो एम्स में सिर्फ मरीजों के बीच ही नहीं, बल्कि टोकन वितरण और कतार प्रबंधन की कछुआ चाल को लेकर मरीजों के परिजनों एवं अस्पताल के कर्मचारियों के बीच भी आए दिन तीखी कहासुनी और बकझक होती रहती है।
विदित हो कि देवघर एम्स में विश्वस्तरीय ओपीडी सेवा की शुरुआत के बाद से ही यहां इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या में प्रतिदिन काफी तेजी से इजाफा हो रहा है। एम्स पहुंचे मरीजों के परिजनों ने बताया कि निजी (प्राइवेट) कॉरपोरेट अस्पतालों में इलाज के महंगे खर्च के मुकाबले एम्स में देश के शीर्ष डॉक्टरों द्वारा उच्चस्तरीय इलाज बेहद किफायती दरों पर होता है। यही वजह है कि लोग बिहार, बंगाल और झारखंड के सुदूर जिलों से भारी परेशानी झेल कर भी यहां इलाज कराने खिंचे चले आते हैं।
बड़ा खुलासा: एम्स में सक्रिय है ‘लाइन माफिया’
अस्पताल परिसर में इस रोज-रोज होने वाले बवाल के पीछे एक बड़ा और संगठित खेल सामने आया है। स्थानीय लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि एम्स के आसपास के गांवों के लगभग एक दर्जन दबंग युवकों का एक ‘लाइन माफिया गिरोह’ यहां सक्रिय है।
पैसा लेकर लगती है लाइन: ये युवक तड़के सुबह ही काउंटर की लाइन में आगे खड़े हो जाते हैं और बाद में दूर-दराज से आने वाले संपन्न लोगों से मोटी रकम (पैसा) लेकर उन्हें आगे की कतार बेच देते हैं या उनकी जगह खड़े हो जाते हैं।
मरीजों का शोषण: इस अवैध धंधे के कारण रात-रात भर जागकर दूर से आने वाले गरीब मरीजों और उनके लाचार परिजनों को टोकन नहीं मिल पाता है और वे कतार में पीछे ही रह जाते हैं।
मारपीट पर उतारू: जागरूक लोगों या सुरक्षाकर्मियों द्वारा जब इन युवकों की इस मनमानी का विरोध किया जाता है, तो ये गिरोह बनाकर मारपीट करने और अंजाम भुगतने की धमकी देने पर उतारू हो जाते हैं।
प्रशासन और एम्स प्रबंधन से ‘सिस्टम’ सुधारने की गुहार
इस गंभीर और संवेदनशील मुद्दे को लेकर स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों, इलाज कराने आने वाले मरीजों तथा उनके परिजनों ने देवघर एम्स प्रबंधन और देवघर जिला प्रशासन से संयुक्त रूप से गुहार लगाई है।
लोगों ने मांग की है कि सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालकर पैसा लेकर अवैध रूप से लाइन लगाने वाले स्थानीय युवकों को चिन्हित किया जाए और उन पर सख्त कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, रजिस्ट्रेशन कराने आने वाले लोगों के लिए एक पारदर्शी और डिजिटल ‘सिस्टम’ से लाइन लगवाने की पुख्ता व्यवस्था की जाए, ताकि काउंटर पर किसी भी असामाजिक तत्व की दाल न गल सके और मरीजों को बिना किसी डर या परेशानी के सुलभ इलाज मिल सके।






















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