प्रखंड सभागार में मुखिया और अंचल उपनिरीक्षक की मौजूदगी में पौधारोपण; कुंदा में वनपाल दिवाकर कुमार के नेतृत्व में धरती को हरा-भरा बनाने का लिया गया संकल्प
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
चतरा: विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर चतरा जिले के विभिन्न प्रखंडों में पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण को बढ़ावा देने के लिए बैठकों, जागरूकता शिविरों और पौधारोपण कार्यक्रमों की धूम रही। इसी कड़ी में जिले के गिद्धौर और कुंदा प्रखंड में प्रशासनिक व सामाजिक स्तर पर बड़े कार्यक्रमों का आयोजन कर आम जनता को प्रकृति की रक्षा का संदेश दिया गया।
1. गिद्धौर: जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने कानूनी और सामाजिक चेतना के तहत लगाया शिविर
गिद्धौर प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के सचिव के तत्वाधान में विश्व पर्यावरण दिवस पर एक विशेष कानूनी-सामाजिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
नेतृत्व और संदेश: यह कार्यक्रम प्राधिकार के अधिकार मित्र सुरेश प्रसाद राणा, तापेश्वर कुमार यादव एवं पवन कुमार के संयुक्त नेतृत्व में संपन्न हुआ।
वक्ताओं की सीख: शिविर को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने तथा स्वच्छ वातावरण के बुनियादी महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने ग्रामीणों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा केवल लगाने तक सीमित न रहकर उनकी पूर्ण देखभाल करने का संदेश दिया। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि वृक्ष हमारे जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं और पर्यावरण संतुलन (Ecological Balance) बनाए रखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को प्रकृति के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का बोध कराना था।
गिद्धौर के कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित:
इस जागरूकता शिविर में मुख्य रूप से गिद्धौर पंचायत की मुखिया निर्मला देवी, अंचल उपनिरीक्षक पप्पू कुमार यादव, प्रखंड के सभी वार्ड सदस्यगण एवं भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण जनता उपस्थित रही।
2. कुंदा: महादेव मठ में पौधारोपण और वन विभाग की ‘प्रभात फेरी’ से गूंजा क्षेत्र
दूसरी ओर, कुंदा प्रखंड क्षेत्र में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक कुन्दा महादेव मठ प्रांगण में एक भव्य पौधारोपण कार्यक्रम सह जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
जलवायु परिवर्तन पर चिंता: इस मौके पर वक्ताओं ने वैश्विक संकट बन चुके जलवायु परिवर्तन (Climate Change) और बढ़ते प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याओं से लड़कर पृथ्वी को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और हरा-भरा बनाने पर बल दिया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं और आम लोगों ने मठ परिसर में फलदार-छायादार पौधे लगाए और पर्यावरण को बचाने की सामूहिक शपथ ली। वक्ताओं ने आह्वान किया कि पृथ्वी के कर्ज को उतारने के लिए हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए।
वन विभाग की सक्रियता: इस अवसर पर वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में एक आकर्षक ‘प्रभात फेरी’ (जागरूकता मार्च) निकाली। हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां थामे वनकर्मियों ने पूरे क्षेत्र का भ्रमण कर लोगों को अंधाधुंध पेड़-पौधों की कटाई रोकने तथा वन संरक्षण करने का कड़ा संदेश दिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से कुंदा के वनपाल (Forester) दिवाकर कुमार, अधिकार मित्र संजय चौधरी, अमलेश कुमार, मुन्ना दास, अजीत कुमार, किरण कुमारी समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और दर्जनों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
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