प्रतिनिधिमंडल ने एसडीओ के समक्ष रखीं चार सूत्री मांगें; अंचलाधिकारी को मिला जांच का जिम्मा; अब सातों गांवों में ‘डोर-टू-डोर’ चलेगा जागरूकता अभियान
न्यूज स्केल लाइव
टंडवा/सिमरिया: चतरा जिले के टंडवा प्रखंड अंतर्गत कबरा पंचायत क्षेत्र में जेआरएल (JRL) कंपनी द्वारा बनाई जा रही कोयला ढुलाई (ट्रांसपोर्टिंग) सड़क के विरोध में पिछले चार दिनों से चला आ रहा ग्रामीणों का गतिरोध आखिरकार प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद थमता नजर आ रहा है। शुक्रवार को सिमरिया स्थित एसडीओ कार्यालय में अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) प्रदीप कुमार महतो के नेतृत्व में आंदोलनकारियों और प्रशासन के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण और सकारात्मक वार्ता संपन्न हुई।
इस उच्च स्तरीय वार्ता के बाद आंदोलनकारियों ने वृंदा गांव के देवी मंडप के पास चल रहे अपने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन को फिलहाल स्थगित करने का बड़ा फैसला लिया है।
वार्ता में शामिल हुआ 7 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, रखी गईं मांगें
सिमरिया में आयोजित इस आधिकारिक बैठक में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ग्रामीणों का एक 7 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। इस डेलिगेशन में मुख्य रूप से: विनय बिहारी शरण, कबरा पंचायत के मुखिया सुबेश राम, जिला परिषद सदस्य देवंती देवी, सुरेश यादव, उपेंद्र यादव, खेमन राम, सुभाष दास शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने ट्रांसपोर्टिंग सड़क से जुड़े तकनीकी, पर्यावरणीय और रैयती विसंगतियों को उठाते हुए अपनी चार सूत्री मांगों का पत्र एसडीओ प्रदीप कुमार महतो को सौंपा।
बिना नियम-शर्तों के नहीं बनेगी सड़क, अंचलाधिकारी करेंगे जांच: SDO
वार्ता के दौरान ग्रामीणों ने आरटीआई (RTI) के दस्तावेजों का हवाला देते हुए गैरमजरूआ (सरकारी) भूमि के अवैध अतिक्रमण और बिना विभागीय अधिसूचना के हो रहे निर्माण कार्य पर कड़ा ऐतराज जताया।
एसडीओ का सख्त रुख: ग्रामीणों के सवालों और आपत्तियों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए एसडीओ प्रदीप कुमार महतो ने साफ तौर पर कहा कि किसी भी कंपनी को मनमानी करने की छूट नहीं दी जाएगी। सरकार द्वारा निर्धारित कड़े नियमों, शर्तों और भूमि अधिग्रहण की वैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही कंपनी आगे बढ़ सकती है।
एसडीओ ने इस पूरे विवाद और विवादित भूमि खंड की तकनीकी जांच के लिए टंडवा अंचलाधिकारी (CO) को तत्काल निर्देशित कर दिया है। उन्होंने आंदोलनकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जब तक अंचलाधिकारी अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रशासन को नहीं सौंप देते, तब तक वहां आगे कार्य प्रारंभ करने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी।
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धरना स्थगित, लेकिन आंदोलन होगा और मजबूत: विनय बिहारी शरण
एसडीओ के साथ हुई वार्ता में मिले ठोस आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल वापस कबरा पंचायत के धरना स्थल पर पहुंचा और वहां उपस्थित सैकड़ों ग्रामीणों के बीच एक प्रेस वार्ता (पत्रकार वार्ता) आयोजित की।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आंदोलन के सूत्रधार विनय बिहारी शरण ने घोषणा की कि प्रशासनिक आश्वासन का सम्मान करते हुए धरने को फिलहाल स्थगित किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन का अंत नहीं बल्कि एक नए और मजबूत अध्याय की शुरुआत है:
डोर-टू-डोर अभियान: विनय बिहारी शरण ने कहा कि अब इस आंदोलन को और अधिक धारदार व संगठित बनाया जाएगा।
सातों गांवों में जागरूकता: सड़क निर्माण के विरोध और रैयतों के अधिकारों की रक्षा के लिए अब आंदोलनकारियों की एक विशेष टीम इस परियोजना से प्रभावित होने वाले क्षेत्र के सभी सातों गांवों में ‘डोर-टू-डोर’ (घर-घर) जाएगी। टीम ग्रामीणों को उनके अधिकारों, एनजीटी (NGT) के नियमों और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगी ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की तानाशाही का पुरजोर मुकाबला किया जा सके।
धरना स्थगित होने से टंडवा के इस अशांत कोल कॉरिडोर क्षेत्र में प्रशासन ने राहत की सांस ली है, वहीं ग्रामीणों की नजरें अब अंचलाधिकारी की आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।























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