नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत जुटे जिले के आला अधिकारी; डीडीसी और अपर समाहर्ता ने भी लगाए पौधे; उपायुक्त ने पर्यावरण संरक्षण को ‘जन आंदोलन’ बनाने का किया आह्वान
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
चतरा: वैश्विक पर्यावरण संकट से निपटने और चतरा जिले के हरित आवरण (ग्रीन कवर) को और अधिक समृद्ध बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के पावन अवसर पर एक भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम के तहत यह आयोजन जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन परिसर के पीछे ऐतिहासिक हरलाल तालाब के समीप संपन्न हुआ।
भारत सरकार के महत्वाकांक्षी ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, तेजी से हरित आवरण का विस्तार करना तथा आम जनसामान्य को वृक्षारोपण के प्रति जागरूक व प्रेरित करना था।
उपायुक्त रवि आनंद के नेतृत्व में जुटे जिले के आला अधिकारी
इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चतरा जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त (DC) रवि आनंद विशेष रूप से शामिल हुए। उनके साथ ही जिले के प्रशासनिक अमले ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित अधिकारी: उप विकास आयुक्त (DDC) अमरेंद्र कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता (AC) अरविंद कुमार, जिला योजना पदाधिकारी शिशिर कुमार पंडित, डीआरडीए (DRDA) निदेशक अलका कुमारी, प्रधान सहायक (DRDA) सुशील कुमार, सहायक परियोजना पदाधिकारी (DRDA) प्रदीप कुमार सहित समाहरणालय के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने पौधे लगाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी अतिथियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने हाथों से फलदार और छायादार पौधों का रोपण कर ‘हरित चतरा’ का एक मजबूत संदेश दिया। इसके साथ ही केवल पौधा लगाने तक ही सीमित न रहकर, उन वृक्षों के पूर्ण संरक्षण, संवर्धन और देखरेख के महत्व पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपने जीवन के हर विशेष अवसर पर अधिकाधिक पौधे लगाने चाहिए।
पौधारोपण को जन आंदोलन का स्वरूप दें चतरा वासी: उपायुक्त
समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त रवि आनंद ने पर्यावरण के गिरते स्तर और ग्लोबल वार्मिंग पर चिंता जताते हुए कहा:
“पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की कोई सामान्य गतिविधि नहीं, बल्कि हमारी सबसे महत्वपूर्ण और अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। वृक्ष न केवल प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं, बल्कि हमें स्वच्छ वायु देने, जल संरक्षण (वाटर रिचार्जिंग) करने तथा जैव विविधता (Biodiversity) के संवर्धन में भी बेहद निर्णायक भूमिका निभाते हैं। मेरी चतरा के आम नागरिकों से अपील है कि वे पौधारोपण को एक ‘जन आंदोलन’ का स्वरूप दें और प्रत्येक व्यक्ति अपनी माँ के नाम पर कम-से-कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसे बड़ा करने का पूरा दायित्व निभाए।”
‘हरित चतरा’ के निर्माण के लिए लिया गया सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के अंतिम चरण में चतरा जिले को प्रदूषण मुक्त और हरा-भरा बनाने हेतु व्यक्तिगत प्रयासों के स्थान पर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया। विकास भवन में जुटे सभी अधिकारियों, कर्मियों और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने हाथ उठाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता व्यक्त की और प्रकृति की रक्षा का संकल्प लिया।
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