जतराहीबाग से इको पार्क तक निकली भव्य प्रभात फेरी; उपायुक्त, एसपी और दोनों डीएफओ ने किया पौधारोपण; पर्यावरण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान
न्यूज स्केल लाइव
चतरा: विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखंड सरकार के तत्वावधान में शुक्रवार को चतरा जिला मुख्यालय में विविध भव्य जन-जागरूकता और सम्मान कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित जीवनशैली (Green Lifestyle) के प्रति आमजनों और युवा पीढ़ी को जागरूक करने के उद्देश्य से सुबह जतराहीबाग चौक से लेकर इको पार्क, चतरा तक एक विशाल व भव्य प्रभात फेरी निकाली गई।
इस प्रभात फेरी में चतरा शहर के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं, जिले के आला अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूरे उत्साह और गगनभेदी पर्यावरण नारों के साथ भाग लिया।
प्रशासनिक अमले ने इको पार्क में किया पौधारोपण, ली सामूहिक शपथ
प्रभात फेरी के इको पार्क पहुंचने के उपरांत वहां एक मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चतरा जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त (DC) रवि आनंद शामिल हुए।
उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में चतरा के पुलिस अधीक्षक (SP) अनिमेष नैथानी, उत्तरी वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO North) राहुल मीणा, दक्षिणी वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO South) मुकेश कुमार, अपर समाहर्ता (AC) अरविंद कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सन्नी वर्धन सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इको पार्क परिसर में मुख्य अतिथियों और प्रतिभागियों द्वारा बड़े पैमाने पर छायादार व फलदार पौधों का रोपण किया गया। इसके पश्चात वहां मौजूद हजारों लोगों को पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन, जैव विविधता (Biodiversity) के संरक्षण तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण के प्रति एक सामूहिक शपथ दिलाई गई। सभी ने चतरा को हरा-भरा बनाने और प्रकृति के संरक्षण में अपनी सक्रिय व दैनिक भागीदारी निभाने का कड़ा संकल्प लिया।
हाईटेक सोच: पेड़ों पर ‘बारकोड’ लगाने वाले मयूरहंड के प्रधानाध्यापक सम्मानित
इस अवसर पर आयोजित भव्य सम्मान समारोह में पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में साल भर उल्लेखनीय और क्रांतिकारी योगदान देने वाले व्यक्तियों व संस्थानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
आधुनिक तकनीक से जुड़ा पर्यावरण: इसी क्रम में चतरा के मयूरहंड प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, पुरैनी के प्रधानाध्यापक विकास कुमार सिंह को जिला प्रशासन और वन विभाग द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
क्या है इनका नवाचार: हेडमास्टर विकास कुमार सिंह ने अपने विद्यालय परिसर में लगे सभी वृक्षों पर एक ‘बारकोड आधारित डिजिटल प्रणाली’ विकसित की है। इस क्यूआर/बारकोड को मोबाइल से स्कैन करते ही विद्यार्थी और आमजन उस विशिष्ट वृक्ष की प्रजाति, उसकी सटीक आयु, औषधीय गुणों, उपयोगिता एवं पर्यावरणीय महत्व से संबंधित पूरी जानकारी हिंदी और अंग्रेजी में आसानी से प्राप्त कर लेते हैं। मंच से उनके इस डिजिटल नवाचार को पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्र में पूरे राज्य के लिए एक प्रेरणादायी और अनुकरणीय प्रयास बताया गया।
फोटोग्राफी, पेंटिंग और क्विज प्रतियोगिता के विजेता हुए पुरस्कृत
समारोह के दौरान पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के सफल प्रतिभागियों को उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक द्वारा मेडल व प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया:
1. ऑनलाइन फोटोग्राफी प्रतियोगिता: प्रथम स्थान: बालेश्वर महतो, द्वितीय स्थान: आयुष कुमार सिंह, तृतीय स्थान: शेरा कुमार,
2. पेंटिंग प्रतियोगिता (जूनियर वर्ग): नाजरेथ विद्यालय की काव्या राज, डीएवी पब्लिक स्कूल चतरा की दीप्ति कुमारी एवं आशीष रतन को संयुक्त रूप से सम्मानित किया गया।
3. पेंटिंग प्रतियोगिता (सीनियर वर्ग): नाजरेथ विद्यालय चतरा की अश्विनी को प्रथम, आर.एल.के. विद्या मंदिर के बादल कुमार को द्वितीय तथा डीएवी पब्लिक स्कूल चतरा की सुमैया सरसराज को तृतीय पुरस्कार मिला।
ओपन वर्ग: पेंटिंग के ओपन वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सन्नी कुमार, दीपक कुमार एवं ललन कुमार को पुरस्कृत किया गया।
4. वन एवं पर्यावरण क्विज प्रतियोगिता: इस प्रतियोगिता में चतरा, सिमरिया, टंडवा, लावालौंग एवं पीरी फॉरेस्ट रेंज के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया था। इसमें कक्षा 6, 7 एवं 8 वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी बच्चों को मंच से सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया गया।
पर्यावरण केवल एक दिन का विषय नहीं, इसे आदत बनाएं: उपायुक्त
समारोह को संबोधित करते हुए चतरा उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि पर्यावरण का तेजी से बदलता मिजाज और बढ़ता तापमान हम सबके लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा:
“पर्यावरण संरक्षण केवल 5 जून को एक दिवस मनाने या भाषण देने का विषय नहीं है, बल्कि इसे हमारी दैनिक जीवनशैली का एक अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। जब तक हर नागरिक जल संचयन, सिंगल यूज प्लास्टिक का बहिष्कार और प्रतिवर्ष पौधों का संरक्षण नहीं करेगा, तब तक हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य नहीं दे पाएंगे। हमें सामूहिक प्रयासों से इस मुहिम को आगे बढ़ाना होगा।”
पूरे कार्यक्रम का समापन ‘हरित चतरा-स्वच्छ चतरा’ के नारों और पर्यावरण को बचाने के सामूहिक संकल्प के साथ गौरवपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
विश्व पर्यावरण दिवस पर एक पेड़ माँ के नाम महाअभियान: हरलाल तालाब के पास उपायुक्त ने किया पौधारोपण






















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