बालिका विवाह मामले में पहले ही 50 से अधिक लोगों पर दर्ज हो चुकी है प्राथमिकी; प्रमुख और पूर्व मुखिया की मौजूदगी में गांव को ‘बाल विवाह मुक्त’ बनाने का संकल्प
न्यूज स्केल लाइव
सिमरिया (चतरा): चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड अंतर्गत ग्राम दुंदुआ में गुरुवार को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के समूल नाश और व्यापक सामाजिक चेतना जागृत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सिमरिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) चंद्रदेव प्रसाद के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सैकड़ों ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं को बाल विवाह के कुप्रभावों से बचने तथा अपने पूरे गांव को ‘बाल विवाह मुक्त’ बनाए रखने का ऐतिहासिक सामूहिक संकल्प दिलाया गया।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत होगी सीधी जेल: बीडीओ
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी चंद्रदेव प्रसाद ने बाल विवाह के कानूनी प्रतिबंधों, कड़े दंड प्रावधानों एवं इसके कारण बच्चियों के स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ने वाले गंभीर सामाजिक व शारीरिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
सख्त कानूनी कार्रवाई: बीडीओ ने ग्रामीणों को कड़े शब्दों में सचेत करते हुए कहा कि बाल विवाह करने (माता-पिता), करवाने (पंडित/काजी) या इसमें शामिल होने वाले बारातियों व सहयोगियों के खिलाफ भी सख्त गैर-जमानती कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
अधिकारों की रक्षा: भारत सरकार द्वारा लागू बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 बच्चों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करने और कम उम्र में होने वाली शादियों को पूरी तरह रोकने के लिए एक बेहद मजबूत और प्रभावी कानूनी व्यवस्था है।
सामूहिक जिम्मेदारी: उन्होंने आगे कहा कि बाल विवाह को रोकना केवल पुलिस या कानून का पालन करना भर नहीं है, बल्कि यह हमारे प्रबुद्ध समाज की सामूहिक और नैतिक जिम्मेदारी भी है।
50 से अधिक लोगों पर पहले ही दर्ज हो चुकी है एफआईआर, सहमे हैं कानून तोड़ने वाले
गौरतलब हो कि सिमरिया प्रखंड का यह क्षेत्र बाल विवाह के खिलाफ प्रशासनिक सख्ती के लिए पहले भी चर्चा में रहा है।
पूर्व की बड़ी कार्रवाई: इस क्षेत्र में पूर्व में हुए एक बालिका के बाल विवाह के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए 50 से अधिक स्थानीय लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। इस ऐतिहासिक कार्रवाई के बाद से कानून तोड़ने वाले तत्वों में भारी हड़कंप है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा सिमरिया के विभिन्न सुदूरवर्ती गांवों और पंचायतों में लगातार चलाए जा रहे इस सघन जागरूकता अभियान का अब बेहद सकारात्मक और क्रांतिकारी प्रभाव धरातल पर देखने को मिल रहा है। ग्रामीण अब स्वयं जागरूक होकर ऐसी शादियों का विरोध कर रहे हैं।
प्रमुख और पूर्व मुखिया सहित भारी संख्या में ग्रामीण रहे उपस्थित
दुंदुआ गांव में आयोजित इस संकल्प सभा में मुख्य रूप से: सिमरिया प्रखंड के प्रमुख रोहन साहू, सेरनदाग पंचायत के पूर्व मुखिया तेज नारायण प्रसाद, कई वार्ड सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) की दीदियां और भारी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे अपने क्षेत्र में किसी भी कीमत पर बाल विवाह की घटनाओं को फलने-फूलने नहीं देंगे और बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देंगे।
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