खुद को बैंक अधिकारी और बिजली अफसर बताकर करते थे ठगी, 15 मोबाइल व नकदी बरामद
देश भर में साइबर अपराध के गढ़ के रूप में कुख्यात जामताड़ा जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ जिला पुलिस ने एक बार फिर अपना कड़क हंटर चलाया है। पुलिस अधीक्षक (SP) शंभु कुमार सिंह के कड़े निर्देश पर साइबर अपराध शाखा की टीम को एक बहुत बड़ी और शानदार सफलता हाथ लगी है। साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल के कुशल नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान चलाकर कुल पांच (05) कुख्यात साइबर अपराधियों को दबोचकर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
इस बड़ी कामयाबी को लेकर आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी शंभु कुमार सिंह ने पूरे देशव्यापी साइबर सिंडिकेट के तौर-तरीकों (मोडस ऑपेरंडी) का सिलसिलेवार भंडाफोड़ किया और बताया कि अपराधियों का यह नेटवर्क केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों तक फैला हुआ है।
करमाटांड़ में रंगे हाथ गिरफ्तारी; नारायणपुर के लोकनियां में भी पुलिस की दबिश
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस कप्तान ने बताया कि विश्वसनीय गुप्त इनपुट और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पुलिस की टीमों ने दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ घेराबंदी कर रेड की थी:
करमाटांड़ थाना क्षेत्र: पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर ग्राम मट्टांड़ स्थित विष्णु मंडल के पैतृक घर पर अचानक धावा बोला। वहाँ दो अपराधी कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठकर लोगों को डिजिटल चूना लगा रहे थे, जिन्हें पुलिस ने रंगे हाथ (Red Handed) गिरफ्तार किया। इसके अलावा पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाते हुए सियाटॉड और झिलुवा जंगल क्षेत्र की झाड़ियों से एक अन्य शातिर आरोपी को खदेड़कर पकड़ा।
नारायणपुर थाना क्षेत्र: दूसरी ओर, नारायणपुर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने ग्राम लोकनियां में किशोर दास के घर पर पूरी मुस्तैदी से छापेमारी की। यहाँ से पुलिस ने दो अन्य बड़े साइबर ठगों को धर दबोचा।
बंगाल का कातिल ठग भी शामिल; लैपटॉप, एटीएम और 50 हजार कैश जब्त
पुलिस की इस महा-कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए पांचों अपराधियों की कुंडली खंगाली जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
विष्णु मंडल (ग्राम- मट्टांड़, करमाटांड़) — इसके घर से हुआ रैकेट संचालित
सचिन मंडल (करमाटांड़)
सागर नायक (करमाटांड़)
कालेश्वर उर्फ किशोर दास (ग्राम- लोकनियां, नारायणपुर)
विश्वजीत दास (मूल निवासी- दुर्गापुर, पश्चिम बंगाल; वर्तमान पता- लोकनियां, नारायणपुर)
📦 अपराधियों के पास से बरामदगी की पूरी लिस्ट: पुलिस ने इन ठगों के पास से डिजिटल अपराध से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधिक साक्ष्य और गैजेट्स बरामद किए हैं, जिनमें 15 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 15 एक्टिवेटेड फर्जी सिम कार्ड, ०04 विभिन्न बैंकों के एटीएम (ATM) कार्ड, 02 हाई-एंड लैपटॉप और 50,000 रुपये नगद (कैश) शामिल हैं, जिसे पुलिस ने विधिवत जब्त कर लिया है.
🏦 क्रेडिट कार्ड ब्लॉक और बिजली बिल के नाम पर उड़ते थे लाखों; केस दर्ज
एसपी शंभु कुमार सिंह ने बताया कि बरामद किए गए गैजेट्स के शुरुआती डेटा विश्लेषण से एक बहुत बड़े अंतर्राज्यीय साइबर नेटवर्क के संचालन की पुख्ता आशंका है। पूछताछ में अपराधियों ने ठगी की दो बड़ी विधाओं का खुलासा किया:
बैंक अधिकारी बनकर: ये शातिर अपराधी आम लोगों को फोन करके खुद को नामी बैंकों का मुख्य अधिकारी बताते थे। ये उपभोक्ताओं को झांसा देते थे कि उनका क्रेडिट या डेबिट कार्ड तुरंत बंद होने वाला है। डर के मारे लोग जैसे ही अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी (ओटीपी, सीवीवी) साझा करते थे, ये फोनपे (PhonePe) और गूगल पे (Google Pay) के जरिए खातों से पैसे उड़ा लेते थे।
बिजली विभाग का फर्जीवाड़ा: इसके अलावा ये ठग बिजली विभाग के बड़े अधिकारी बनकर लोगों को मैसेज भेजते थे कि उनका पिछले महीने का बिल भुगतान नहीं हुआ है, इसलिए आज रात ही कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके बाद फर्जी लिंक भेजकर ये लोगों के खाते खाली कर देते थे।
इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए जामताड़ा साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 29/2026 एवं 30/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी सागर नायक और किशोर दास पुराने आदतन अपराधी हैं और पहले भी साइबर अपराध के मामलों में जेल जा चुके हैं तथा उनके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र (Charge Sheet) दाखिल हो चुका है।




















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