एसडीपीओ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया भंडाफोड़; मुख्य आरोपी महेश गंझू समेत 3 कातिल गिरफ्तार, 30 मार्च से लापता का शव जंगल से जमीन खोदकर निकाला बाहर
📍 सिमरिया (चतरा) | न्यूज़ स्केल लाइव
चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला और सनसनीखेज मर्डर मिस्ट्री का मामला सामने आया है, जहाँ करीब दो महीने पहले अपहृत किए गए एक युवक की बेरहमी से हत्या कर साक्ष्य छिपाने की नीयत से लाश को बीहड़ जंगल में दफना दिया गया था। चतरा पुलिस ने इस पूरे ‘ब्लाइंड मर्डर केस’ का न सिर्फ पटाक्षेप किया है, बल्कि जमीन के नीचे दफन शव को बरामद कर तीन शातिर कातिलों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया है।
इस भयावह कांड के संदर्भ में शनिवार को सिमरिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) नागरगोजे शुभम भाउसाहब ने अपने कार्यालय कक्ष में एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पूरे घटनाक्रम का सिलसिलेवार खुलासा किया।
15 मई को पिता ने दर्ज कराया था केस; एसपी के निर्देश पर बनी थी SIT
एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाउसाहब ने बताया कि गत 15 मई 2026 को टुनगुन गांव निवासी संतोष मुंडा ने अपने पुत्र गुड्डू मुंडा के अचानक लापता हो जाने या अज्ञात अपराधियों द्वारा अपहरण कर लिए जाने को लेकर लावालौंग थाना में एक लिखित आवेदन दिया था। पिता के आवेदन के आधार पर पुलिस ने तत्काल लावालौंग थाना कांड संख्या- 29/2026 दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की।
चूंकि मामला बीहड़ और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र से जुड़ा था, इसलिए मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चतरा पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनिमेश नैथानी के कड़े निर्देश पर सिमरिया एसडीओ और एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।
हत्या की वजह ‘अवैध प्रेम प्रसंग’; चलती बस से उतारकर रची गई खूनी साजिश
गठित विशेष टीम ने जब तकनीकी साक्ष्यों (सीडीआर और लोकेशन) तथा स्थानीय गुप्त इनपुट के आधार पर जांच शुरू की, तो पुलिस को कुछ स्थानीय संदिग्धों के बारे में पुख्ता सुराग मिले। पुलिस ने जाल बिछाकर मुख्य संदेही महेश गंझू को हिरासत में लिया। जब पुलिसिया अंदाज में उससे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने जो राज उगले, उसे सुनकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
खूनी रंजिश की वजह: पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई कि मृतक गुड्डू मुंडा का गांव के ही एक युवक की मां के साथ कथित तौर पर प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी बात से नाराज और आक्रोशित होकर आरोपियों ने गुड्डू मुंडा को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान तैयार किया।
वारदात का तरीका: तय योजना के मुताबिक, बीते 30 मार्च 2026 को जब गुड्डू मुंडा कहीं जा रहा था, तभी आरोपियों ने मंधनिया घाटी के समीप एक चलती यात्री बस को जबरन रुकवाया और गुड्डू को बस से नीचे खींच लिया। इसके बाद उसके साथ बेरहमी से मारपीट करते हुए अपराधी उसे मंधनिया से हाहे जाने वाले घने और सुनसान जंगल की ओर ले गए, जहां उसकी गला दबाकर व पत्थरों से कुचलकर निर्मम हत्या कर दी गई।
निशानदेही पर खोदा गया जंगल; दबोचे गए लावालौंग के ये 3 कातिल
हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद साक्ष्य (सबूत) पूरी तरह मिटाने की नीयत से अपराधियों ने मंधनिया-हाहे के इसी बीहड़ जंगल में जमीन के नीचे गड्ढा खोदकर गुड्डू मुंडा के शव को दफना दिया और फरार हो गए। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी महेश गंझू की पुख्ता विजुअल निशानदेही पर कार्यपालक दंडाधिकारी की मौजूदगी में शनिवार को जंगल से जमीन खुदवाकर मृतक का कंकाल/शव बाहर निकाला और विधिक प्रक्रिया पूरी कर उसे पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया है।
इस जघन्य हत्याकांड में शामिल गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
महेश गंझू (ग्राम- लुट्टू, थाना- लावालौंग, जिला चतरा) — मुख्य साजिशकर्ता
नितेश कुमार (ग्राम- सोहावन, थाना- लावालौंग, जिला चतरा)
कमलेश कुमार (ग्राम- जलमा, थाना- लावालौंग, जिला चतरा)
पुलिस ने पकड़े गए अपराधियों के पास से घटना के समय प्रयुक्त और तकनीकी साक्ष्यों से जुड़े 03 स्क्रीन टच (एंड्रॉइड) मोबाइल फोन भी विधिवत जब्त किए हैं। फिलहाल पुलिस इन मोबाइलों के व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड्स खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस ऑनर किलिंग/हत्याकांड में कोई अन्य सफेदपोश या सह-अपराधी तो शामिल नहीं था।
इस खौफनाक और पेचीदा हत्याकांड का महज कुछ ही दिनों के भीतर पर्दाफाश करने वाली विशेष टीम में लावालौंग थाना के कार्यवाहक थाना प्रभारी विधायक प्रसाद यादव, पुलिस अवर निरीक्षक (SI) वाजिद अली, चतरा जिला पुलिस की तकनीकी शाखा (Technical Cell) के विशेषज्ञ सदस्य तथा लावालौंग थाना के सशस्त्र बल के चुनिंदा जवान मुख्य रूप से शामिल थे, जिन्हें इस बड़ी सफलता के लिए जिला कप्तान द्वारा पुरस्कृत किए जाने की अनुशंसा की गई है।






















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