उपायुक्त की सतत मॉनिटरिंग और अपर समाहर्ता की अदालत का ऐतिहासिक फैसला; जिले में अब एक भी मामला लंबित नहीं, मानकों का उल्लंघन करने वालों को डीसी की दोटूक चेतावनी
चतरा समाहरणालय | न्यूज स्केल लाइव
चतरा जिले के आम नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करने, होटलों व दुकानों में मिलावटखोरी पर पूर्ण विराम लगाने और शुद्ध खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में चतरा जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उपायुक्त (DC) रवि आनंद के कड़े निर्देश एवं निरंतर मॉनिटरिंग के तहत जिले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (Food Safety and Standards Act) से संबंधित वर्षों से धूल फांक रहे सभी लंबित मामलों का पूरी तरह से निपटारा कर दिया गया है।
अपर समाहर्ता (AC) अरविंद कुमार की न्यायालय (न्यायालय) द्वारा त्वरित सुनवाई करते हुए जिले में लंबित सभी मामलों का शत-प्रतिशत निष्पादन कर दिया गया है। अदालत ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कुल 20 अलग-अलग मामलों में नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों, होटल संचालकों एवं मिलावटखोर कारोबारियों पर कुल 20 लाख 24 हजार रुपये का भारी-भरकम अर्थदंड (जुर्माना) अधिरोपित किया है। इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही वर्तमान में चतरा जिले के भीतर खाद्य सुरक्षा अधिनियम से संबंधित अब एक भी मामला पेंडिंग (लंबित) नहीं रह गया है।
₹5 हजार से लेकर ₹4.90 लाख तक का लगा जुर्माना; मानकों के उल्लंघन पर कार्रवाई
समीक्षा के दौरान बताया गया कि चतरा के खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी (Food Safety Officer) द्वारा समय-समय पर बाजारों से लिए गए सैंपल और प्रस्तुत आधिकारिक प्रतिवेदन (रिपोर्ट) के आधार पर यह कड़क विधिक कार्रवाई की गई है। अदालत द्वारा कसूरवार पाए गए अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर अपराध की गंभीरता के अनुसार न्यूनतम 5 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 4 लाख 90 हजार रुपये तक का भारी जुर्माना ठोंका गया है।
अपर समाहर्ता की कोर्ट में मुख्य रूप से निम्नलिखित संगीन मामलों का त्वरित निष्पादन किया गया:
गुणवत्ता से खिलवाड़: खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में भारी कमी और मिलावट से जुड़े मामले।
मानकों का उल्लंघन: भारत सरकार द्वारा निर्धारित पैकेजिंग और हाइजीन मानकों का सरेआम उल्लंघन।
लेबलिंग में अनियमितता: डिब्बों और पैकेटों पर मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपायरी डेट और सामग्री की गलत या भ्रामक लेबलिंग करना।
प्रावधानों की अनदेखी: खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अनिवार्य नियमों और लाइसेंसिंग शर्तों का अनुपालन नहीं करना।
“आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले सीधे जाएंगे जेल” : डीसी रवि आनंद
इस महा-कार्रवाई के बाद उपायुक्त रवि आनंद ने जिले के तमाम होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों और राशन व्यवसायियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि चतरा जिले के आम जनों और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता या कोताही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग और संबंधित दंडाधिकारियों को निर्देश दिया है कि पूरे जिले में शहरी से लेकर ग्रामीण इलाकों तक नियमित जांच अभियान (Special Drive) चलाया जाए, सभी खाद्य प्रतिष्ठानों की सतत और गुप्त निगरानी रखी जाए तथा भविष्य में भी मानकों का उल्लंघन करने वाले बड़े से बड़े रसूखदार कारोबारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रखी जाए।
त्वरित न्याय को दी गई प्राथमिकता; भविष्य में भी जारी रहेगा प्रशासनिक हंटर
वहीं, मामलों का शत-प्रतिशत निपटारा करने वाले अपर समाहर्ता अरविंद कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन ने न्यायालय स्तर पर जन-सरोकार से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन (Speedy Trial) को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा था, जिसके सुखद परिणाम आज धरातल पर दिख रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि यह कोई तात्कालिक कार्रवाई नहीं है; भविष्य में भी चतरा के भीतर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले या एक्सपायरी सामान बेचने वाले दुकानदारों पर विधिसम्मत कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।



















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