भगहर के जंगलों व ठिकानों पर संयुक्त टीम की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक; भट्ठियों को किया गया ध्वस्त, कारोबारी आशीष पांडेय की इस विशेष रिपोर्ट में देखें कैसे इलाके में मचा हड़कंप।
चौपारण | न्यूज स्केल लाइव
झारखंड सरकार और नार्कोटिक्स विभाग के कड़े निर्देशों के आलोक में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और अंतर-जिला तस्करी के खिलाफ हजारीबाग जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और मारक कार्रवाई की है। हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड अंतर्गत सुदूरवर्ती भगहर क्षेत्र में चौपारण थाना पुलिस एवं जिला उत्पाद विभाग (Excise Department) की संयुक्त जांबाज टीम ने सामूहिक रूप से धावा बोलकर अवैध महुआ शराब के काले साम्राज्य को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है।
इस वृहद और कड़क छापामारी अभियान के दौरान पुलिस ने जंगलों और गुप्त अड्डों पर अवैध रूप से शराब बनाने के लिए ड्रमों में छिपाकर रखे गए लगभग 8,000 से 10,000 किलोग्राम (10 टन) अवैध जावा महुआ को मौके पर ही पूरी तरह से बहाकर और आग लगाकर विनष्ट कर दिया।
लंबे समय से मिल रही थी गुप्त सूचना; भट्ठियों को किया गया जमींदोज
विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, चौपारण का भगहर इलाका अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण अवैध महुआ शराब माफियाओं का सेफ ज़ोन बनता जा रहा था। यहाँ घने जंगलों और नालों के किनारे अवैध भट्ठियां धधक रही थीं, जिसकी गोपनीय शिकायतें लगातार हजारीबाग पुलिस और उत्पाद विभाग को मिल रही थीं।
शिकायतों की सत्यता जांचने के बाद, वरीय अधिकारियों के निर्देश पर चौपारण थाना प्रभारी और उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर के नेतृत्व में एक विशेष संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया गया। टीम ने बुधवार-गुरुवार की दरमियानी अवधि में भगहर के चिन्हित इलाकों की घेराबंदी की। इस औचक कार्रवाई से मौके पर शराब चुरा रहे धंधेबाजों में भगदड़ मच गई। टीम ने कई गुप्त ठिकानों, झोपड़ियों और जमीन के अंदर गाड़कर रखे गए भारी मात्रा में जावा महुआ के ड्रमों को बरामद किया और शराब बनाने वाले उपकरणों व भट्ठियों को मौके पर ही कुल्हाड़ी और मूसल से तोड़कर जमींदोज कर दिया।
“नशे के सौदागरों को सीधे भेजा जाएगा जेल” : प्रशासन का कड़ा अल्टीमेटम
सफल छापेमारी के बाद संयुक्त टीम के पुलिस और उत्पाद अधिकारियों ने दोटूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि चौपारण और सीमावर्ती बिहार रूट पर अवैध शराब के इस जहरीले धंधे को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने माफियाओं को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा:
“क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ यह अभियान थमेगा नहीं, बल्कि आगे भी लगातार और अधिक आक्रामक तरीके से जारी रहेगा. कानून तोड़ने वाले और गुपचुप तरीके से जहरीली शराब का निर्माण व आपूर्ति करने वाले मुख्य किंगपिन को चिन्हित किया जा रहा है; बहुत जल्द उन्हें गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.”
इलाके के धंधेबाजों में फैला भयंकर खौफ और सन्नाटा
‘न्यूज स्केल लाइव’ के संवाददाता आशीष पांडेय की इनसाइड ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, 10 हजार किलो जावा महुआ को एक साथ नष्ट किए जाने की इस भारी प्रशासनिक कार्रवाई के बाद चौपारण, भगहर और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध शराब के सिंडिकेट से जुड़े दलालों, सप्लायरों और माफियाओं के बीच भयंकर हड़कंप, खौफ और सन्नाटे का माहौल देखा जा रहा है। स्थानीय प्रबुद्ध ग्रामीणों ने प्रशासन के इस कड़े कदम की सराहना की है, क्योंकि इस अवैध धंधे के कारण ग्रामीण युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा था और क्षेत्र में आपराधिक घटनाएं बढ़ रही थीं।



















Total Users : 979749
Total views : 2745359