गिद्धौर और पत्थलगड़ा के रहने वाले हैं तस्कर विशाल व अजय; झारखंड से लाकर उत्तराखंड में खपाते थे खेप, शौक पूरे करने के लिए बने नशा माफिया
चतरा जिले से जुड़े अफीम तस्करों के अंतर-राज्यीय सिंडिकेट के खिलाफ उत्तर प्रदेश में एक बहुत बड़ी कार्रवाई हुई है। यूपी के बरेली जिले की देवरनिया थाना पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम ने नैनीताल हाईवे पर एक बड़े ऑपेरशन को अंजाम दिया है। टीम ने चतरा जिले के रहने वाले दो रसूखदार अफीम तस्करों को भारी मात्रा में अवैध अफीम की खेप के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। उनके पास से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये मूल्य की 13 किलोग्राम अफीम बरामद की गई है।
नैनीताल हाईवे पर बिचपुरी के पास बिछाया गया जाल
देवरनिया थाना प्रभारी आशुतोष द्विवेदी और एएनटीएफ यूनिट के उपनिरीक्षक (SI) विकास यादव ने संयुक्त रूप से मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शुक्रवार की देर रात मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि झारखंड से अफीम की एक बड़ी खेप लेकर दो तस्कर उत्तराखंड की ओर बढ़ने वाले हैं। सूचना के आधार पर एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस ने नैनीताल हाईवे स्थित बिचपुरी के पास रणनीतिक घेराबंदी की। जैसे ही दोनों संदिग्ध वहां पहुंचे, टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें दबोच लिया।
विशाल के पास से 7 KG और अजय से मिली 6 KG अफीम
गिरफ्तारी के बाद जब दोनों आरोपियों की विधिवत तलाशी ली गई, तो उनके पास मौजूद बैग से व्यावसायिक मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किया गया:
विशाल कुमार: इसके पास से 7 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद हुई।
अजय कुमार: इसके पास से 6 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद हुई।
अन्य सामान: पुलिस ने मौके से तस्करी के नेटवर्क में प्रयुक्त 2 स्मार्टफोन भी जब्त किए हैं।
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गिरफ्तार तस्करों का चतरा कनेक्शन:
पकड़े गए दोनों शातिर तस्कर मूल रूप से झारखंड के चतरा जिले के रहने वाले हैं और इनका नेटवर्क कई राज्यों में फैला है:
विशाल कुमार: ग्राम- बरिसाखी, थाना- गिद्धौर, जिला- चतरा (झारखंड)।
अजय कुमार: ग्राम- तेतरिया, थाना- पत्थलगड़ा, जिला- चतरा (झारखंड)।
“शौक पूरा करने और आर्थिक तंगी दूर करने के लिए” बने तस्कर
यूपी पुलिस की कड़ी पूछताछ में दोनों तस्करों ने अपने अंतर-राज्यीय नेटवर्क को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वे अपनी आर्थिक तंगी को दूर करने और महंगे शौक पूरे करने के लिए अफीम की तस्करी के इस काले धंधे में उतरे थे।
उन्होंने बताया कि वे चतरा और आसपास के इलाकों से अफीम की खेप उठाते थे और उसे सुरक्षित रूटों से होते हुए उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में ऊंचे दामों पर सप्लाई करते थे। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वे इस रूट पर पहले भी कई बार अफीम की सफल डिलीवरी कर चुके थे। बरेली के देवरनिया थाने में दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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