सरकार ने उठाए बड़े कदम, PNG विस्तार और गैस आपूर्ति को दी प्राथमिकता
नई दिल्ली। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बावजूद देश में एलपीजी की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। मंत्रालय के अनुसार, वितरकों के स्तर पर किसी भी प्रकार की कमी नहीं है और आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग में 95 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई। देशभर में करीब 51 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए। वहीं मार्च 2026 से अब तक 3.5 लाख से अधिक पीएनजी कनेक्शनों में गैस आपूर्ति शुरू की जा चुकी है, जबकि 3.8 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं ने नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है।
वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (DAC) आधारित डिलीवरी को फरवरी 2026 के 53 प्रतिशत से बढ़ाकर 89 प्रतिशत तक पहुंचा दिया गया है। सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति को लेकर भी कई अहम फैसले लिए हैं। एक अप्रैल 2026 के आदेश के तहत रिफाइनिंग कंपनियों को आवश्यक क्षेत्रों—जैसे फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और पेट्रोकेमिकल—के लिए न्यूनतम गैस उपलब्ध कराने की अनुमति दी गई है। साथ ही, वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन को संकट-पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक बनाए रखने का निर्णय लिया गया है।
छोटे उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर की बिक्री में भी तेजी आई है। 23 मार्च से अब तक करीब 5.7 लाख छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं, जिन्हें बिना पते के प्रमाण के भी खरीदा जा सकता है। प्राकृतिक गैस क्षेत्र में भी सरकार ने आपूर्ति को प्राथमिकता दी है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी-परिवहन को 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जबकि औद्योगिक उपभोक्ताओं को औसत खपत का लगभग 80 प्रतिशत गैस दी जा रही है। उर्वरक संयंत्रों को गैस आपूर्ति 6 अप्रैल से बढ़ाकर 90 प्रतिशत तक करने की योजना है।
सरकार ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड को निर्देश दिया है कि जहां पाइपलाइन नेटवर्क उपलब्ध है, वहां स्कूल, छात्रावास, आंगनवाड़ी और सामुदायिक रसोई को पांच दिनों के भीतर पीएनजी से जोड़ा जाए। साथ ही होटल, रेस्टोरेंट और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को भी पीएनजी कनेक्शन देने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा, 24 मार्च 2026 को अधिसूचित नए आदेश के तहत प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार को तेज करने के लिए समयबद्ध और सुव्यवस्थित ढांचा तैयार किया गया है। इससे देश में स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा मिलने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होने की उम्मीद जताई गई है।





















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