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नदी किनारे मिला द्वितीय विश्वयुद्ध का बम डिफ्यूज

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9 दिन बाद सेना की कार्रवाई, धमाके के साथ सुरक्षित तरीके से किया निष्क्रिय

बहरागोड़ा, पूर्वी सिंहभूम (झारखंड)। बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के पानीपाड़ा नागुडसाईं स्थित स्वर्णरेखा नदी किनारे मिले द्वितीय विश्वयुद्ध काल के एक शक्तिशाली बम को आखिरकार भारतीय सेना ने सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया। पिछले 9 दिनों से यह बम इलाके में पड़ा हुआ था, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ था।

बम को निष्क्रिय करने के लिए भारतीय सेना की विशेष टीम कर्नल धर्मेंद्र सिंह और कैप्टन आयुष कुमार सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। इस दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें घाटशिला एसडीपीओ अजीत कुजूर, मुसाबनी डीएसपी संदीप भगत, डीसी एलआर नित निखिल और थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा शामिल थे।

ऑपरेशन शुरू करने से पहले पूरे क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। लगभग एक किलोमीटर के दायरे में आवाजाही पर रोक लगा दी गई और ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया। साथ ही अग्निशमन दल और एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई थी।

सेना ने बम को निष्क्रिय करने के लिए विशेष तकनीक अपनाई। नदी किनारे रेत में गड्ढा खोदकर बम को जमीन के अंदर रखा गया और नियंत्रित तरीके से डेटोनेटर के माध्यम से विस्फोट कर उसे डिफ्यूज किया गया। विस्फोट के दौरान जोरदार धमाका हुआ और धुएं का गुबार आसमान में उठता देखा गया, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के कारण किसी प्रकार की जानमाल की हानि नहीं हुई।

इस पूरे अभियान में सेना और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतरीन समन्वय देखने को मिला। बम के निष्क्रिय होने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और इलाके में लंबे समय से बना डर का माहौल खत्म हो गया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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