जहां जिंदगी की किलकारी गूंजनी थी, वहीं अचानक मातम और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जन्म के महज 16 घंटे बाद एक नवजात प्रसूति वार्ड से गायब हो गया। परिजनों की सूझबूझ, अस्पताल में मचे हंगामे और CCTV फुटेज ने आधे घंटे के भीतर ही उस महिला का पर्दाफाश कर दिया, जिसने मां बनने की चाहत में मासूम को उठा लिया था।
पटना। बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच (पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) में सोमवार को प्रसूति वार्ड से महज 16 घंटे पहले जन्मे एक नवजात की चोरी से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। हालांकि परिजनों की सतर्कता और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी महिला को आधे घंटे के भीतर ही पकड़ लिया गया। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब पटना समेत राज्यभर में बच्चा चोरी की घटनाएं और उनसे जुड़ी अफवाहें गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक वर्ष में पटना जिले से 76 बच्चे लापता हुए हैं, जिनमें बरामदगी दर काफी कम बताई जा रही है।
तीन साल से संतान नहीं, चाहत ने बनाया अपराधी
पुलिस के अनुसार, प्रसूति वार्ड से बच्चा चुराने वाली महिला की पहचान जैकी कुमारी के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि उसकी शादी को तीन वर्ष हो चुके हैं, लेकिन इलाज के बावजूद उसे संतान सुख नहीं मिला। बच्चे की तीव्र चाहत में उसने यह कदम उठाया। बताया जाता है कि उसने परिजनों की नजर बचाकर नवजात को गोद में उठा लिया और वार्ड से बाहर निकलने की कोशिश की। परिजनों को शक होने पर शोर मचाया गया, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा कर्मी सक्रिय हुए। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद आरोपी महिला को दबोच लिया गया। फिलहाल उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ की तैयारी कर रही है।
घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रतिबंधित प्रसूति वार्ड में एक अनजान महिला कैसे प्रवेश कर गई? गेट पर तैनात सुरक्षा गार्डों की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी? यदि परिजन समय पर सतर्कता नहीं दिखाते, तो संभव है कि नवजात की बरामदगी मुश्किल हो जाती। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है और सख्त निगरानी की मांग तेज हो गई है।पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अस्पताल प्रशासन से भी जवाब-तलब किया जा सकता है।