लोहरदगा | बुधवार को वीर शिवाजी चौक स्थित झखरा कुम्बा लोहरदगा राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा प्रांगण में पूर्व शिक्षामंत्री गीताश्री उरांव के नेतृत्व में एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा जिला समिति के जिलाध्यक्ष सोमदेव उरांव ने की।
बैठक का मुख्य विषय आगामी 17 जनवरी 2026 को सम्पूर्ण झारखंड बंद के आह्वान पर विस्तृत चर्चा रहा। बंद का आवाहन समस्त पारंपरिक एवं आदिवासी संगठनों द्वारा किया गया है। बैठक में संगठनों ने स्पष्ट किया कि यह बंद पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड सहित आदिवासी समाज से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर किया जा रहा है।
बैठक में रखी गई प्रमुख मांगों में पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड के सभी दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी एवं कड़ी सजा, पीड़ित परिवार को तत्काल उचित मुआवजा एवं सुरक्षा, भूमि माफियाओं के विरुद्ध विशेष जांच दल (SIT) का गठन, CNT–SPT एक्ट का सख्त पालन, PESA कानून को और मजबूत करने, ग्राम सभाओं को वास्तविक अधिकार देने, आदिवासी कार्यकर्ताओं एवं नेताओं को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने, राज्य में नए व पुराने भूमि घोटालों की जांच हेतु उच्च स्तरीय आयोग का गठन, तथा सभी पुराने भूमि विवाद मामलों में त्वरित कार्रवाई शामिल है। बैठक में कहा गया कि इन मांगों को लेकर 17 जनवरी को होने वाले झारखंड बंद का राज्यभर में व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा।
बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रीय महासचिव जालेश्वर उरांव, उपाध्यक्ष सोमे उरांव, कोर कमिटी सदस्य फूलदेव भगत एवं सुधू भगत, जिला अध्यक्ष सोमदेव उरांव, सचिव सुकेन्दर उरांव, कोषाध्यक्ष मंगलदास, उपाध्यक्ष कृष्णा उरांव, मीडिया प्रभारी नूतन, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष जयंती उरांव, विसनी उरांव, मानकी उरांव, मतलु उरांव, मंगरा उरांव, क्रांति उरांव, सुरेन्द्र उरांव, बंदे उरांव सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा लोहरा समाज के प्रदेश अध्यक्ष बालमुकुंद लोहरा सहित विभिन्न पारंपरिक एवं आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए।
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