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गुमला -जिला प्रशासन द्वारा स्कूली वाहनों और सुरक्षा मानकों के खिलाफ शुरू किया गया अभियान अब स्कूलों के आंतरिक प्रबंधन तक पहुंच गया है। जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) और जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) की संयुक्त टीम ने स्टार डीपीएस स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्कूल के बुनियादी ढांचे और हॉस्टल संचालन में भारी अनियमितताएं उजागर हुईं।
*अपार्टमेंट में स्कूल, क्लासरूम के बगल में स्टोररूम*
जांच में पाया गया कि स्कूल का पूरा परिचालन एक रहने योग्य अपार्टमेंट में किया जा रहा है। यहां क्लासरूम मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। जिला शिक्षा अधीक्षक ने देखा कि बाथरूम, स्टोररूम और क्लासरूम एक ही जगह साथ-साथ संचालित थे, जो बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई के वातावरण के लिहाज से बेहद आपत्तिजनक है।
*हॉस्टल संचालन पर गहराया विवाद*
स्कूल परिसर में ही हॉस्टल का परिचालन होता पाया गया, जिसमें कुल 52 बच्चे-बच्चियां साथ रह रहे थे। जब जिला शिक्षा अधीक्षक ने हॉस्टल संचालन से संबंधित वैधानिक दस्तावेज मांगे, तो स्कूल प्रबंधन एक भी कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। बिना पंजीकरण और सुरक्षा मानकों के इतने बच्चों को हॉस्टल में रखने पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई।
*वाहन परिचालन पर प्रबंधन की जिला परिवहन पदाधिकारी को सफाई*
स्कूल के वाहनों की जांच के दौरान प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि विद्यालय की ओर से किसी भी वाहन का परिचालन नहीं किया जाता है। प्रबंधन के अनुसार:
* अधिकांश बच्चे निजी ऑटो और टेम्पो से स्कूल आते हैं।
* स्कूल की ओर से चालकों को ओवरलोडिंग न करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
*अधिकारियों की सख्त चेतावनी*
जिला शिक्षा अधीक्षक ने स्कूल की स्थिति और हॉस्टल के अवैध संचालन को देखते हुए प्रबंधन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने साफ कहा कि नियमों को ताक पर रखकर बच्चों के भविष्य और सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
DTO और DSE की इस संयुक्त कार्रवाई से शहर के अन्य निजी स्कूल संचालकों में भी हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन स्कूलों के पास हॉस्टल या बिल्डिंग के मानक दस्तावेज नहीं होंगे, उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
*गुमला बाईपास पर कार्रवाई: चंचल स्कूल पर जुर्माना*
स्टार डीपीएस की जाँच के तुरंत बाद DTO ज्ञान शंकर जायसवाल की टीम गुमला बाईपास पहुँची। यहाँ स्कूली वाहनों की जाँच के दौरान:
चंचल स्कूल (डुमरडीह) की 2 बसों को मानकों का उल्लंघन करते पाया गया।
इन दोनों बसों पर कुल ₹15,000 (पंद्रह हजार रुपए) का चालान काटा गया।
*DTO का कड़ा संदेश: “दिसंबर है दुर्घटना का महीना”*
DTO ज्ञान शंकर जायसवाल ने गुमला में दुर्घटनाओं के बढ़ते ग्राफ पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्घटनाओं में वृद्धि का सीधा संबंध ‘नियमों को हल्का में लेने’ की मानसिकता से है। उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा:
*”दिसंबर दुर्घटना का महीना है।* नियम हल्का में लेना और दुर्घटना, एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। आप तभी सुरक्षित रह पाएंगे जब आप सतर्क रहेंगे और नियंत्रित होकर गाड़ी चलाएंगे। सतर्क रहें, नियंत्रित रहें, सुरक्षित तब ही रह पाएंगे।”
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिन स्कूलों के पास हॉस्टल या बिल्डिंग के मानक दस्तावेज नहीं होंगे, उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से शहर के अन्य निजी स्कूल संचालकों में भी हड़कंप मचा हुआ है।




















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