जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में मचौल माता मंदिर मार्ग पर चशोती गांव में गुरुवार को बादल फटने से 46 लोगों की मौत हो गई और 120 लोग घायल हो गए। खबर है कि हादसे में 220 लोगों लापता हैं। इस घटना में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। ज्ञात हो कि चशोती मंदिर मार्ग पर स्थित ऐसा अंतिम गांव है जहां किसी वाहन से पहुंचा जा सकता है। वहीं बादल फटने की घटना की सूचना मिलने पर केंद्रीय गृह मंत्री ने स्थिति की जानकारी लेने के साथ उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से फोन पर बात की।
बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोती में गुरुवार के दोपहर 12 बजे से एक बजे के बीच उस समय बादल फटा जब बड़ी संख्या में लोग मचौल माता मंदिर की यात्रा के लिए एकत्र हुए थे। चशोती से मंदिर तक की 8.5 किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू होती है। टीवी रिपोर्ट के अनुसार 46 शव बरामद किए गए हैं और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। चशोती किश्तवाड़ से लगभग 90 किलोमीटर दूर 9,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। श्रद्धालुओं के लिए आयोजित लंगर को बादल फटने से भारी नुकसान हुआ। बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने और बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। बचाव और राहत अभियान जारी है। जरूरतमंदों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बादल फटने की घटना पर दुख जताते हुए ट्वीट किया, “किश्तवाड़ जिले में बादल फटने की घटना पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य चला रहा है। एनडीआरएफ की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। हम स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं और हर परिस्थिति में जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं। जरूरतमंद लोगों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
अधिकारियों के अनुसार इस घटना के बाद मंदिर की वार्षिक यात्रा स्थगित कर दी गई है तथा प्राधिकारी सभी संसाधन जुटाने और बड़े पैमाने पर बचाव एवं राहत अभियान चलाने में लग गए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के दो दल उधमपुर से किश्तवाड़ भेजे गए हैं।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस घटना में हुई जानमाल की हानि पर दुख व्यक्त किरते हुए उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘किश्तवाड़ के चशोती में बादल फटने की घटना से व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। असैन्य, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) और एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल) अधिकारियों को बचाव एवं राहत अभियान को और तेज करने तथा प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।






















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