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राज्य सरकार द्वारा अब मदर टेरेसा क्लीनिक के माध्यम से धर्मांतरण को और तेज करने की साजिश रची जा रही हैः पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी

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रांची। झारखंड प्रदेश भाजपा ने अटल मोहल्ला क्लीनिक का नाम बदलकर मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लीनिक किये जाने पर बड़ा आरोप पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने लगाया है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए श्री बाउरी ने कहा कि राज्य के झुग्गी-झोपड़ी व बस्तियों में राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे अटल क्लीनिक का नाम बदलकर मदर टेरेसा क्लीनिक करना एक बड़ी साजिश का हिस्सा है. राज्य में धर्मांतरण एक बड़ी समस्या है। राज्य सरकार द्वारा अब मदर टेरेसा क्लीनिक के माध्यम से धर्मांतरण को और तेज करने की साजिश रची जा रही है। अटल मोहल्ला क्लीनिक के नाम में परिवर्तन स्वास्थ्य सेवा को सुधारने के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की आड़ में धर्मांतरण को बढ़ावा देने के लिए सरकारी संरक्षण देने का यह प्रयास है। आशंका है कि आनेवाले दिनों में हेमंत सरकार मदर टेरेसा क्लीनिक को स्वंयसेवी संस्थाओं के माध्यम से चलाने का निर्णय करेगी और धर्मांतरण कराने वाली संस्थाएं इसमें शामिल होंगे। लेकिन भाजपा इस साजिश को कामयाब नहीं होने देगी। पार्टी एक सशक्त विपक्ष के नाते सदन से सड़क तक कड़ा विरोध करेगी और जनआंदोलन खड़ा करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा मदर टेरेसा का सम्मान करती है। उनकी सेवा भावना और गरीबों, कुष्ठ रोगियों के लिए की गई सेवा को भुलाया नहीं जा सकता है। भारत सरकार ने भी मदर टेरेसा को कई बड़े अलंकरणों से सम्मानित किया है। लेकिन यह भी सच्चाई है कि मदर टेरेसा द्वारा स्थापित संस्थान निर्मल हृदय पर बच्चा चोरी का आरोप भी लगा है। यह भी सच्चाई है कि ऐसी संस्थायें सेवा के नाम पर लाखों गरीबों को स्वास्थ्य सुविधा, भोजन, वस्त्र उपलब्ध कराकर उनकी पहचान व उनके धर्म संस्कार को बदलने का कार्य भी किया है। हेमंत सरकार को बताना चाहिए कि मदर टेरेसा का झारखंड में क्या योगदान है। विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन में झारखंड से बाहर का उदाहरण देने वाली सरकार को मदर टेरेसा कैसे झारखंड की दिखने लगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार के मुखिया हैं। यदि राज्य सरकार का यह निर्णय उचित है, तो वे सार्वजनिक तौर पर मीडिया के माध्यम से नाम परिवर्तन पर अपनी सहमति व्यक्त करें।

उन्होंने आगे कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने झारखंड की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए अलग झारखंड राज्य का सपना भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर 2000 को साकार किया। जबकि राज्य के सत्ताधारी दल कांग्रेस, राजद व झामुमो द्वारा हमेशा झारखंड आंदोलन को बेचने-खरीदने में लगे हुए थे। इन दलों की नीयत साफ रहती, तो बर्ष 2000 से पहले ही अलग राज्य का गठन हो गया होता। उन्होंने कहा कि अटल जी झारखंड के कण-कण में बसे हैं और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सुदूर गांवों में अटल मोहल्ला क्लीनिक खोले गये थे।

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