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कर्नाटक में फंसे हैं मसलिया के 10 मजदूर, घर वापसी की झारखंड सरकार से अपील

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दो माह का मजदूरी देने से ठेकेदार ने किया इनकार, एक दिन का बचा है राशन, रुपये हुए खत्म

न्यूज स्केल संवाददाता
मसलिया(दुमका)। दुमाक जिले के मसलिया प्रखंड अंतर्गत कोलारकोंडा और कथालिया पंचायत के 10 मजदूर कर्नाटक राज्य में फंसे हुए हैं। उनके पास घर लौटने के लिए पैसे भी नहीं है। इन मजदूरों ने झारखंड सरकार से मदद की अपील की है। कर्नाटक में फंसे इन मजदूरों में से एक पुलिस हांसदा ने दूरभाष पर जानकारी दी है कि उनके पास न तो खाने के लिए और न ही घर लौटने के लिए पैसे हैं। पुलिस हांसदा के अनुसार, मसलिया प्रखंड के धरमपुर, सागबाड़ी, सुपाई डीह और पालन गांव के ये मजदूर 24 सितंबर 2024 को कर्नाटक पहुंचे थे। उन्हें कर्नाटक में काम के लिए कंपनी के ठेकेदार मनोज और नित्यानंद ने बुलाया था। जहां काम करने की अवधि छह महीने बताई गई थी, जो 01 मार्च को पूरी हो गई। इन मजदूरों का चार महीने का वेतन उनके बैंक खातों में भेज दिया गया, लेकिन बाकी दो महीने का वेतन अभी तक लंबित है। मजदूरों ने 1 अप्रैल को बकाया वेतन की मांग की थी, लेकिन ठेकेदार ने उनको बकाया मजदूरी देने से इंकार कर दिया और घर जाने की अनुमति भी नहीं दी। इसके बाद से मजदूरों ने काम पर जाना बंद कर दिया जिस कारण उन्हें खाने के लिए राशन भी नहीं मिल रहा है। उनके पास केवल एक दिन का राशन बचा हुआ है और किसी के पास नकद पैसे भी नहीं हैं। पुलिस हांसदा ने कहा कि मजदूर वहां पाइप बनाने का काम करते हैं जिसके एवज में मजदूरी के तौर पर 14,000 रुपये प्रति माह दिया जाता हैं, जबकि मिस्त्री का काम करने वाले को 25,000 रुपये प्रति माह मजदूरी मिलता हैं। इन मजदूरों ने झारखंड सरकार से गुहार लगायी है कि उनका बकाया भुगतान दिलाया जाए और घर लौटने के लिए सुरक्षित यात्रा की व्यवस्था की जाए।

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