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गुमला ओबीसी समाज पांच जिलों गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, खूंटी एवं रांची सहित अन्य जिलों में ओबीसी आरक्षण शून्य रखने एवं जनगणना में ओबीसी कॉलम नहीं होने सहित राजनीतिक दलों में ओबीसी आरक्षण नहीं रखने के विरोध में 6 अक्टूबर को पांच जिलों में बंद का आह्वान किया गया था और इस बंद को सफल बनाने के लिए ओबीसी मोर्चा अहले सुबह से ही गुमला मुख्यालय सहित जिले के सभी थाना क्षेत्र में बंद को सफल बनाने के लिए गोलबंद हो कर सड़कों पर निकले ओबीसी समाज द्वारा बुलाई गई बंदी का असर अभूतपूर्व रहा और बस स्टैंड से लेकर शहर के सभी दूकानों के शटर गीरे हुए थे – गुमला का शहीद चौक टॉवर चौक पर ओबीसी समाज द्वारा मुख्य रूप से केंद्र बिंदु था जहां पर चौक को जाम कर यातायात व्यवस्था को चरमरा कर रख दी बंद को देखते हुए सारे निजी विद्यालयों ने स्कूल बंद कर दिए परिणामस्वरूप बंद हो जाने पर छात्र-छात्राओं को स्कूल नहीं जाना पडा़।
समाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने ओबीसी समाज द्वारा बुलाई गई बंद का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार ओबीसी समाज को हल्के में नहीं ले ये बडी आबादी की उपेक्षा सरकार को मंहगी पडेगी ओबीसी समाज को झारखंड के विभिन्न जिलों में उनकी हिस्सेदारी में शून्य रखे जाने से ओबीसी समाज पूर्व से ही अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं और सरकार लगातार उनकी मांगों को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई देती है आने वाले समय में सरकार यदि ओबीसी समाज को लेकर नहीं चलती है तो यह तय है कि ओबीसी समाज सरकार को आनेवाले चुनाव मैदान में बाहर का रास्ता भी दिखाने की ताकत रखती है उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज जिस दिन पुरी तरह से जाग जाएगा केंद्र एवं राज्य सरकार को बाहर का रास्ता दिखाने में ये बडी आबादी पीछे नहीं होगा।
वहीं शहीद चौक पर ओबीसी समाज के लोगों ने सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए बंद का समर्थन किया।

















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